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जंतर मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी का आरोप

Ratna Netam
5 Oct 2026 3:03 PM IST
जंतर मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी का आरोप
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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी को लेकर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में अधिकारियों से जवाबदेही तय करने और स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी में हालिया घटनाओं में महिलाओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने लिखा, "दिल्ली में अभी जो हो रहा है, उसका एक ही पैटर्न है: जो भी महिला सवाल पूछने की हिम्मत करे, उसे चुप करा दो।" कांग्रेस नेता ने इस बयान के जरिए महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मुद्दे को उठाया और अधिकारियों से जवाब मांगने की बात कही।
मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन की कवरेज के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिसकर्मियों पर यौन दुर्व्यवहार और बदसलूकी के आरोप लगाए। शिकायतें सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। पुलिस के मुताबिक शिकायतों की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की भी समीक्षा की जा रही है।
पुलिस की ओर से कहा गया है कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों की ओर से यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा गया। पुलिस ने संबंधित वीडियो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपील भी की है, ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और किसी आरोपी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हुए हैं।
इसी विवाद के बीच प्रदर्शनकारियों की हिरासत का मुद्दा भी सामने आया। सोमवार को 17 लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें स्वतंत्र पत्रकार, यूट्यूबर और कथित तौर पर उन महिला पत्रकारों में से एक भी शामिल थीं, जिन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की थी। ये लोग संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर रातभर मौजूद थे और शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें दिल्ली कैंट थाने ले जाकर हिरासत में रखा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे महिला पत्रकारों की शिकायत पर तत्काल एफआईआर और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दूसरी ओर, पुलिस ने कहा कि नई दिल्ली इलाके में निषेधात्मक आदेश लागू थे और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के कारण हिरासत की कार्रवाई की गई। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस कार्रवाई और शिकायतों के निपटारे को लेकर बहस तेज कर दी है।
इससे पहले जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक दिन पहले करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता और विपक्ष से जुड़े लोग भी शामिल थे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर की ओर लौटने की कोशिश कर रहे थे।
राहुल गांधी ने अपने बयान में इस पूरे घटनाक्रम को महिलाओं की आवाज दबाने से जोड़ते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने की बात भी कही। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर महिला प्रदर्शनकारी या पत्रकार शिकायत कर रही हैं तो उनकी बात पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर काम करने वाली महिला पत्रकारों और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाली महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
मामले पर पत्रकार संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर पर पत्रकारों के साथ कथित व्यवहार पर चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकारों को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने की अनुमति मिलनी चाहिए। संगठन ने प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई और मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोपों की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है और पुलिस के मुताबिक उपलब्ध साक्ष्यों तथा बयानों की समीक्षा की जाएगी। इसी तरह हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के मामले में भी पुलिस ने निषेधात्मक आदेशों के उल्लंघन का हवाला दिया है। इसलिए फिलहाल आरोपों और पुलिस के पक्ष दोनों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
जंतर-मंतर का यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। हाल के दिनों में इन प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस की तैनाती बढ़ाए जाने की खबरें आई हैं। अब महिला पत्रकारों की शिकायतों और राहुल गांधी के बयान के बाद इस मामले पर राजनीतिक तथा सार्वजनिक स्तर पर चर्चा और बढ़ गई है।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी ने जंतर-मंतर और दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों तथा महिला पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के आरोपों पर दिल्ली पुलिस से जवाबदेही की मांग की है। तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें क्राइम ब्रांच के पास जांच के लिए भेजी जा चुकी हैं, जबकि शिकायतों पर कार्रवाई की मांग कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अब इस मामले में जांच के निष्कर्ष और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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