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एयर इंडिया के टिकट होंगे महंगे 9 अक्टूबर से नया सरचार्ज
Ratna Netam
8 Oct 2026 7:46 PM IST

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नई दिल्ली। त्योहारी सीजन के बीच हवाई यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में बदलाव करने की घोषणा की है। हवाई ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण दोनों एयरलाइंस ने यात्रियों से वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को संशोधित किया है। नई दरें शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। इसके बाद घरेलू उड़ानों पर दूरी के अनुसार 400 रुपये से लेकर 1,200 रुपये तक का फ्यूल सरचार्ज देना होगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह शुल्क गंतव्य के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है।
एयर इंडिया और उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गुरुवार को फ्यूल सरचार्ज की नई दरों की जानकारी दी। एयरलाइंस के अनुसार, एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में बढ़ोतरी से परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के एक हिस्से की भरपाई करने के लिए फ्यूल सरचार्ज की दरों में संशोधन किया गया है।दोनों एयरलाइंस की ओर से घोषित नई व्यवस्था के तहत घरेलू उड़ानों में दूरी के आधार पर शुल्क निर्धारित किया गया है। 500 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रति व्यक्ति एकतरफा उड़ान पर 400 रुपये का फ्यूल सरचार्ज देना होगा। वहीं, 501 किलोमीटर से 1,000 किलोमीटर तक की उड़ानों पर 600 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगेगा।इसके अलावा 1,001 किलोमीटर से 1,500 किलोमीटर तक की दूरी वाली उड़ानों के लिए 850 रुपये का सरचार्ज निर्धारित किया गया है। 1,501 किलोमीटर से 2,000 किलोमीटर तक की उड़ानों पर 1,200 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ानों पर भी 1,200 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लागू होगा।
इस प्रकार लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों में यात्रियों को अधिक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा। हालांकि, टिकट की अंतिम कीमत यात्रा की तारीख, उपलब्ध सीटों, मूल किराये और लागू करों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी एयर इंडिया समूह ने नई दरें निर्धारित की हैं। उत्तर अमेरिका जाने वाली एकतरफा उड़ानों पर 215 अमेरिकी डॉलर का फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह शुल्क 210 अमेरिकी डॉलर और यूरोप के लिए 135 अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है। यूरोप की श्रेणी में ब्रिटेन भी शामिल है।इसी तरह पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व के देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को 55 अमेरिकी डॉलर का फ्यूल सरचार्ज देना होगा। ये दरें भारत से शुरू होने वाली या भारत आने वाली संबंधित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू होंगी।
घरेलू उड़ानों के लिए नया फ्यूल सरचार्ज
यात्रा की दूरी | प्रति यात्री सरचार्ज
0–500 किलोमीटर | ₹400
501–1,000 किलोमीटर | ₹600
1,001–1,500 किलोमीटर | ₹850
1,501–2,000 किलोमीटर | ₹1,200
2,000 किलोमीटर से अधिक | ₹1,200
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नया सरचार्ज
गंतव्य | एकतरफा सरचार्ज
उत्तर अमेरिका | 215 अमेरिकी डॉलर
ऑस्ट्रेलिया | 210 अमेरिकी डॉलर
यूरोप और ब्रिटेन | 135 अमेरिकी डॉलर
पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व | 55 अमेरिकी डॉल
नई दरों को लागू करने के समय में भी दोनों एयरलाइंस के लिए अंतर रखा गया है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की नई बुकिंग पर संशोधित शुल्क 9 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12 बजे से लागू होगा। वहीं, एयर इंडिया की नई बुकिंग पर यह शुल्क 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से प्रभावी होगा। यात्रियों को टिकट बुक करते समय इन समयसीमाओं का ध्यान रखना होगा।हवाई ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी एयरलाइन कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त विमान रखरखाव, हवाई अड्डा शुल्क, कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं पर भी कंपनियों को खर्च करना पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण हवाई ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। इसके चलते भारतीय विमानन कंपनियों को अपने खर्च का प्रबंधन करने के लिए किराया और अतिरिक्त शुल्क की समीक्षा करनी पड़ रही है।एयर इंडिया समूह ने इससे पहले अप्रैल 2026 में भी फ्यूल सरचार्ज की दरों में संशोधन किया था। उस समय घरेलू उड़ानों के लिए दूरी आधारित शुल्क व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत 500 किलोमीटर तक की उड़ानों पर 299 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी की उड़ानों पर 899 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया था। अब अक्टूबर में नई दरों के साथ यह राशि बढ़ गई है।
हवाई किराये में बढ़ोतरी का असर उन यात्रियों पर अधिक पड़ सकता है, जो परिवार के साथ यात्रा करते हैं या लंबी दूरी की उड़ानों का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि घोषित सरचार्ज प्रति यात्री और प्रति उड़ान सेक्टर के हिसाब से लगाया जाता है, इसलिए कई यात्रियों की एक साथ बुकिंग कराने पर कुल अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है।इसी तरह अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे लोगों को भी टिकट बुक करते समय संशोधित शुल्क की जानकारी लेना आवश्यक होगा। उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के गंतव्यों पर फ्यूल सरचार्ज अन्य घोषित क्षेत्रों के मुकाबले अधिक रखा गया है।एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के अलावा देश की अन्य विमानन कंपनियां भी बढ़ती ईंधन लागत के कारण किराये से संबंधित बदलाव कर रही हैं। इंडिगो ने भी 6 अक्टूबर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए संशोधित फ्यूल सरचार्ज लागू किया है। वहीं, अकासा एयर ने भी 9 अक्टूबर से अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है।
विमानन क्षेत्र में ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार भी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों के बीच ईंधन की बढ़ती लागत के प्रभाव को कम करने के संभावित उपायों पर विचार किया जा रहा है।एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा है कि फ्यूल सरचार्ज की दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। भविष्य में ईंधन की कीमतों और परिचालन परिस्थितियों के अनुसार इनमें आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।फिलहाल 9 अक्टूबर से लागू होने वाली नई दरों के कारण दोनों एयरलाइंस से यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय अतिरिक्त शुल्क का ध्यान रखना होगा। विशेष रूप से त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले लोगों के लिए किराये और फ्यूल सरचार्ज की तुलना करना उपयोगी रहेगा।
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