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दिल्ली ITO पर हादसा, ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने CPR देकर बचाई वकील की जान

नई दिल्ली। दिल्ली के बेहद व्यस्त आईटीओ चौराहे पर सोमवार को एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने एक वकील की जान बचा ली। सड़क पर अचानक सीने में तेज दर्द के बाद गश खाकर गिरे वकील को ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल ने तुरंत सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर प्राथमिक सहायता दी और महज दो मिनट के अंदर अस्पताल पहुंचाकर जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाई।
घटना सोमवार सुबह करीब 11:55 बजे की बताई जा रही है। उस समय कमला मार्केट ट्रैफिक सर्किल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल अपनी टीम के साथ आईटीओ के ए-प्वाइंट पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति पर पड़ी, जो अचानक अपना संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया।
मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी तुरंत घायल व्यक्ति के पास पहुंचे। जांच करने पर पता चला कि वह व्यक्ति एक वकील हैं, जिनकी पहचान नमनीत के रूप में हुई। वह गाजियाबाद के रहने वाले हैं और किसी काम से पटियाला हाउस कोर्ट जा रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण वह आईटीओ चौराहे पर बेहोश होकर गिर पड़े।
पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझ लिया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि वकील को सीने में तेज दर्द हो रहा था और आशंका जताई गई कि उन्हें हार्ट अटैक आया है। ऐसे समय में कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल ने बिना देर किए उनकी मदद शुरू कर दी।
उन्होंने सावधानीपूर्वक वकील का हेलमेट हटाया और मौके पर ही सीपीआर देना शुरू किया। कुछ ही देर में उनकी कोशिशों से वकील की स्थिति में सुधार के संकेत दिखाई देने लगे। इस दौरान आईटीओ चौराहे पर भारी यातायात मौजूद था, जिससे एंबुलेंस आने में देरी हो सकती थी।
स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल ने तुरंत निर्णय लिया और घायल वकील को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया। ट्रैफिक के बीच रास्ता बनाते हुए वह उन्हें करीब दो मिनट के अंदर लोकनायक अस्पताल (एलएन अस्पताल) लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने तत्काल उनका इलाज शुरू किया।
समय पर अस्पताल पहुंचने और प्राथमिक उपचार मिलने से वकील की जान बच गई। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद वकील नमनीत ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल और उनकी टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
वकील ने बताया कि आईटीओ पहुंचने के बाद अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बेहोश हो गए। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मियों के बीच पाया। उन्हें जानकारी मिली कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल ने उन्हें सीपीआर देकर उनकी जान बचाई और समय पर अस्पताल पहुंचाया।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने भी ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल की तत्परता और मानवता भरे प्रयास की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी केवल यातायात नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क पर किसी भी आपात स्थिति में लोगों की मदद करना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी की जिंदगी बचा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक जैसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और सीपीआर जैसी तकनीक जीवन बचाने में बड़ी भूमिका निभाती है।
आईटीओ चौराहे पर हुई यह घटना दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल का उदाहरण बन गई है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल की सूझबूझ और साहस ने एक परिवार को बड़ी त्रासदी से बचा लिया।





