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ABVP ने DUSU चुनाव 2026–27 के लिए केंद्रीय पैनल की घोषणा की

नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शुक्रवार को आगामी दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026–27 के लिए केंद्रीय पैनल के चार पदों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इसमें यश डबास को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया है।
छात्र संगठन की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इशू मौर्य उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, रिया छावड़ी को सचिव पद के लिए मैदान में उतारा गया है, और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव लड़ेंगे।
संगठन ने अपने मुख्य चुनावी एजेंडे की रूपरेखा बताते हुए कहा कि उनका अभियान कैंपस जीवन को सीधे प्रभावित करने वाले मुद्दों पर केंद्रित होगा। इनमें बेहतर बुनियादी ढांचा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और एक अधिक सक्रिय व जवाबदेह छात्र संघ जैसे मुद्दे शामिल हैं।
संगठन 'आखिर कब तक?' अभियान के माध्यम से छात्रों के लिए सुरक्षित आवास का मुद्दा भी उठाता रहेगा। यह अभियान सत्य निकेतन की घटना के बाद शुरू किया गया था।
संगठन के अब तक के कामकाज का जिक्र करते हुए ABVP के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, "पिछले साल छात्रों ने DUSU का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी ABVP को सौंपी थी। पिछले एक साल में हमने लगातार छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाए हैं और उनके समाधान के लिए काम किया है। हम काम के स्पष्ट रिकॉर्ड और आने वाले साल के लिए एक केंद्रित एजेंडे के साथ इस चुनाव में उतर रहे हैं। शैक्षणिक सुविधाओं और कैंपस के बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ हर छात्र, विशेषकर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। DUSU को पूरे साल छात्रों के लिए सुलभ और जवाबदेह बने रहना चाहिए और उनकी चिंताओं पर लगातार काम करना चाहिए।"
प्रतिद्वंद्वी छात्र संगठनों पर निशाना साधते हुए ABVP दिल्ली के सचिव सार्थक शर्मा ने कहा, "दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र उन लोगों के बीच का अंतर जानते हैं जो पूरे साल उनके बीच रहते हैं और जो केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं। ABVP लगातार छात्रों से जुड़ा रहा है और उनसे जुड़े मुद्दे उठाता रहा है। सत्य निकेतन की घटना ने सुरक्षित PG और छात्रों के आवास की तत्काल आवश्यकता को भी उजागर किया है। 'आखिर कब तक?' अभियान के माध्यम से हम इस मुद्दे को उठाना जारी रखे हुए हैं। हमारा अभियान छात्रों की वास्तविक चिंताओं और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने पर केंद्रित रहेगा।"





