दिल्ली-एनसीआर

संपत्ति कर भुगतान को लेकर नई योजना लागू, करदाताओं को राहत

Admindelhi1
30 Sept 2026 9:04 AM IST
संपत्ति कर भुगतान को लेकर नई योजना लागू, करदाताओं को राहत
x
संपत्ति कर व्यवस्था में राहत के लिए ‘सुनियो 2.0’ लागू

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम ने संपत्ति कर के पुराने बकाये के निपटारे के लिए ‘संपत्तिकर निपटान योजना (सुनियो) 2.0—वन प्लस सेवन’ लागू कर दी है। योजना 29 सितंबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत करदाता वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 और पिछले सात वित्त वर्षों 2019-20 से 2025-26 तक का मूल संपत्ति कर जमा कराकर 2019-20 से पहले के बकाये पर ब्याज और जुर्माने से राहत पा सकेंगे।

निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि योजना का उद्देश्य पुराने संपत्ति कर मामलों का निपटारा कर करदाताओं को अपना कर खाता नियमित करने का अवसर देना है। योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को निगम के संपत्ति कर पोर्टल पर ऑनलाइन विवरणी दाखिल कर निर्धारित कर का भुगतान करना होगा।

योजना के तहत पांच लाख रुपये या उससे अधिक की कुल देनदारी वाले करदाताओं को निर्धारित अवधि के भीतर बराबर किस्तों में भुगतान की सुविधा दी गई है। हालांकि, योजना की अवधि में पूरी देनदारी का भुगतान नहीं करने पर योजना का लाभ समाप्त हो जाएगा।

जिन करदाताओं ने 2019-20 से पहले के वर्षों का संपत्ति कर जमा किया है और उनके पास भुगतान की रसीद है, वे उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। एक ही संपत्ति के लिए एक से अधिक संपत्ति पहचान संख्या (यूपीआईसी) होने पर उन्हें ऑनलाइन एक करने की सुविधा भी दी गई है। विवरणी दाखिल करने और भुगतान के बाद कर रसीद स्वत: जारी होगी।

अदालत में संपत्ति कर से संबंधित मामला लंबित होने पर भी करदाता निर्धारित शर्तों के साथ योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें लंबित मामला वापस लेने और अदालत में जमा या निगम द्वारा वसूल की गई राशि पर भविष्य में वापसी, समायोजन या अन्य दावा नहीं करने का लिखित वचन देना होगा।

निगम योजना के तहत दाखिल विवरणियों की जांच एक अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2028 के बीच करेगा। जांच में कम भुगतान पाए जाने पर अंतर राशि के साथ 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। गलत तरीके से दाखिल विवरणी को योजना समाप्त होने या दाखिल करने के दो महीने के भीतर, जो भी पहले हो, सुधारा जा सकेगा।

सत्या शर्मा ने करदाताओं से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपने संपत्ति कर खाते की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान करने की अपील की। निगम योजना की जानकारी बकायेदारों तक पहुंचाने के लिए संदेश भेजने के साथ ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं के साथ जागरूकता शिविर भी आयोजित करेगा।

केंद्र और राज्य सरकार, रेलवे, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त एवं वैधानिक निकाय, सरकारी स्कूल-कॉलेज, प्राधिकरण, निगम तथा अन्य सरकारी विभागों की संपत्तियां योजना के दायरे से बाहर रहेंगी। योजना के तहत बकाया निपटाने में विफल रहने वाले करदाताओं से निगम सामान्य नियमों के अनुसार संपत्ति कर, ब्याज और जुर्माने की वसूली करेगा। जरूरत पड़ने पर संपत्ति, बैंक खाते या किराये की आय की कुर्की जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

Next Story