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दिल्ली में 581 छात्राओं को मिली साइकिल आशीष सूद ने किया वितरण

Ratna Netam
6 Oct 2026 6:05 PM IST
दिल्ली में 581 छात्राओं को मिली साइकिल आशीष सूद ने किया वितरण
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत मंगलवार को जनकपुरी के दो सरकारी स्कूलों की कक्षा 9 में पढ़ने वाली 581 छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी के ए-ब्लॉक स्थित गवर्नमेंट सर्वोदय कन्या विद्यालय और गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं को साइकिलें प्रदान कीं। योजना का उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल आने-जाने को आसान बनाना और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकारी बयान के अनुसार, कार्यक्रम में दोनों स्कूलों की कुल 581 छात्राओं को साइकिलें दी गईं। शिक्षा मंत्री ने छात्राओं, उनके अभिभावकों और स्कूल अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लड़कियों में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की भावना को भी बढ़ावा देना है।
आशीष सूद ने कहा कि सरकार चाहती है कि छात्राओं को स्कूल आने-जाने में दूरी या परिवहन संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। साइकिल मिलने से छात्राएं न केवल समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी बल्कि आसपास के स्थानों तक भी अधिक स्वतंत्रता के साथ जा सकेंगी। उन्होंने अभिभावकों, विशेष रूप से माताओं से अपनी बेटियों को साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।
‘विद्या वाहिनी योजना’ दिल्ली सरकार की शिक्षा से जुड़ी प्रमुख पहलों में शामिल है। इसके तहत राजधानी में कक्षा 9 में पढ़ने वाली लगभग 1.4 लाख छात्राओं को ब्रांडेड साइकिलें उपलब्ध कराने की योजना है। सरकारी बयान के अनुसार, अब तक करीब 18 हजार छात्राओं को साइकिलें दी जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सभी पात्र छात्राओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है।
शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि छात्राओं को साइकिल देने का मकसद उनकी शिक्षा में निरंतरता बनाए रखना भी है। कई छात्राओं को स्कूल की दूरी, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और रोजाना आवागमन की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में साइकिल उन्हें स्कूल तक पहुंचने का सुविधाजनक साधन उपलब्ध करा सकती है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों में किए जा रहे अन्य सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूलों में 75 इंच के स्मार्ट डिस्प्ले लगाए जा रहे हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप डिजिटल और इंटरैक्टिव लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।
इसके अलावा सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें 40 कंप्यूटर तक की सुविधा दी जा रही है। भाषा प्रयोगशालाओं के जरिए विद्यार्थियों को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के अध्ययन का अवसर देने की योजना भी लागू की जा रही है। सरकार का दावा है कि इन सुविधाओं से छात्रों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
शिक्षा मंत्री ने NEEEV परियोजना का भी उल्लेख किया। इसके तहत विद्यार्थियों की टीमों को नवाचार से जुड़े प्रोजेक्ट विकसित करने के लिए 20 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। छात्र इन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से ड्रोन, स्मार्टवॉच और मोबाइल एप्लिकेशन जैसी तकनीकों पर काम कर सकते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
आशीष सूद ने जनकपुरी क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंखा रोड पर सी-1 और जीवन पार्क सोम बाजार के पास दो फुट ओवरब्रिज बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। इनके निर्माण से सड़क पार करने वाले विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि करीब 50 साल पुराने स्कूल भवन को सरकार अपने मौजूदा पांच साल के कार्यकाल के दौरान पूरी तरह से पुनर्निर्मित करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी सहायता दी जा रही है। मदन मोहन मालवीय शिक्षा मिशन के तहत NEET, CUET और CLAT जैसी परीक्षाओं के लिए दो साल की मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
सूद ने छात्राओं से केवल परीक्षा में अंक हासिल करने के बजाय विषयों की अवधारणाओं को समझने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को CUET जैसी परीक्षाओं के माध्यम से देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने और अलग-अलग क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
दिल्ली सरकार का कहना है कि ‘विद्या वाहिनी योजना’ शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने और उनकी दैनिक यात्रा को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनकपुरी में 581 छात्राओं को साइकिल वितरण के साथ योजना को आगे बढ़ाया गया है और आने वाले समय में राजधानी के दूसरे स्कूलों की छात्राओं को भी इसका लाभ दिए जाने की तैयारी है।
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