दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली प्रदर्शन को लेकर फडणवीस का बड़ा बयान

Ratna Netam
6 Oct 2026 5:52 PM IST
दिल्ली प्रदर्शन को लेकर फडणवीस का बड़ा बयान
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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विपक्षी प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदर्शनों के जरिए लोगों के मन में यह धारणा बनाने की कोशिश की जा रही है कि संविधान द्वारा स्थापित संस्थाएं प्रभावी नहीं हैं। फडणवीस ने यह भी दावा किया कि इसके पीछे “अत्यधिक कट्टरपंथी वामपंथी तत्व” सक्रिय हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना चाहते हैं।
फडणवीस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग संविधान से स्थापित एक स्वायत्त संस्था है और यदि उसके कामकाज को लेकर कोई शिकायत या आपत्ति है तो उसके लिए संवैधानिक और कानूनी रास्ते उपलब्ध हैं। उन्होंने विपक्ष पर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह लोगों के मन में यह सोच बनाने की कोशिश है कि संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाएं बेकार हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस तरह का अभियान संविधान की संस्थाओं को अस्वीकार करने की मानसिकता से प्रेरित है। फडणवीस के अनुसार, कुछ “कट्टरपंथी लेफ्ट-विंग तत्व” लोकतंत्र की मौजूदा संरचना को बदलने का प्रयास कर रहे हैं। यह उनका राजनीतिक आरोप है और विपक्ष इस तरह के आरोपों से असहमति जताता रहा है।
दिल्ली में मंगलवार को विपक्षी दलों के सांसदों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। मार्च के दौरान पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग ने शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है और उसका कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत की जा रही हैं।
फडणवीस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पुलिस के कामकाज को लेकर जानबूझकर गलत धारणा बनाई जा रही है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और विरोध प्रदर्शन के दौरान यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।
मुंबई कांग्रेस और अन्य विपक्षी समूहों द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने महाराष्ट्र पुलिस का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों से निपटने में संयम बरता है। इससे पहले मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने अपेक्षाकृत संयमित रुख अपनाया था और सरकार ने टकराव से बचने की रणनीति पर जोर दिया था।
फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सकती है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। हालांकि विपक्ष का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है।
दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की थी। केंद्रीय दिल्ली के कई हिस्सों में बैरिकेड लगाए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस का कहना था कि कुछ इलाकों में प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और भीड़ को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने के लिए कार्रवाई की गई।
इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि वे चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ताओं ने भी विपक्षी अभियान को चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर हमला बताया है।
फडणवीस का बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत हैं। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज कर रहा है, वहीं भाजपा और उसके नेता संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की बात कर रहे हैं।
फिलहाल दिल्ली के प्रदर्शन और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार और पार्टी संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों का विरोध करेगी। दूसरी ओर विपक्ष अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार और चुनावी पारदर्शिता की मांग बता रहा है।
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