दिल्ली-एनसीआर

GST काउंसिल की 57वीं बैठक संपन्न रेखा गुप्ता ने बताई अहम बातें

Ratna Netam
8 Oct 2026 7:50 PM IST
GST काउंसिल की 57वीं बैठक संपन्न  रेखा गुप्ता ने बताई अहम बातें
x
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की 57वीं बैठक संपन्न हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चर्चा का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी तथा उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना था। उन्होंने सभी राज्यों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जीएसटी व्यवस्था में सुधार के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। बैठक में करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने, कारोबारियों की परेशानियों को कम करने और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई
बैठक समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक का हर विषय महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों का एक मंच पर आकर देश की कर व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विचार करना सकारात्मक कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा, "इस बैठक की हर बात खास है। यह बहुत अच्छी बात है कि सभी राज्य GST काउंसिल की बैठक के लिए एक साथ आए। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि भारतीय नागरिकों को और बेहतर सुविधाएं कैसे दी जाएं, पूरे GST सिस्टम को कैसे आसान और यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए, और इसे बेहतर तरीके से कैसे लागू किया जाए; इसके नतीजे बहुत अच्छे रहे हैं।"रेखा गुप्ता ने कहा कि बैठक में नागरिकों और करदाताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई। उन्होंने जीएसटी व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।
भारत मंडपम में आयोजित हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक
जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित की गई। बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। पहले इसका आयोजन 7 अक्टूबर को निर्धारित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे एक दिन आगे बढ़ाकर 8 अक्टूबर कर दिया गया था।जीएसटी काउंसिल सचिवालय की ओर से 5 अक्टूबर को जारी कार्यालय ज्ञापन में बैठक की नई तारीख की जानकारी दी गई थी। इसके अनुसार, बैठक भारत मंडपम के समिट रूम में आयोजित की जानी थी।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
जीएसटी प्रणाली को सरल बनाने पर विशेष जोर
बैठक का प्रमुख उद्देश्य जीएसटी के अंतर्गत आने वाली प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना था। इसमें जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिल करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट और टैक्स रिफंड से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।कारोबारियों को कर संबंधी नियमों का पालन करने में आने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए कई सुधारों पर विचार किया गया। विशेष रूप से छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया।बैठक में जीएसटी के तहत कर विवादों के निपटारे, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं और कर प्रशासन के कामकाज में सुधार जैसे विषय भी शामिल रहे।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का प्रयास ऐसी कर व्यवस्था विकसित करना है, जिसका उपयोग नागरिक और कारोबारी आसानी से कर सकें।
कारोबारियों को राहत देने वाले कई फैसले
57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कर प्रशासन और अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी दी गई। इनमें जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाना, रिफंड की व्यवस्था में तेजी लाना और करदाताओं के लिए प्रक्रियागत बाधाओं को कम करना शामिल है।बैठक में जीएसटी कानून के अंतर्गत अधिकारियों की गिरफ्तारी संबंधी शक्तियों में बदलाव और कर मामलों में अभियोजन की सीमा बढ़ाने से जुड़े निर्णय भी सामने आए।रिपोर्टों के अनुसार, अभियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त कुछ मामलों में सामान्य जुर्माने की राशि को कम करने और करदाताओं के लिए प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने पर भी सहमति बनी।इन सुधारों का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाना और कर नियमों के अनुपालन को आसान करना है। हालांकि, संबंधित निर्णयों को लागू करने की प्रक्रिया अधिसूचनाओं और कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरी होगी।
छोटे व्यापारियों और MSME के लिए सुविधाओं पर चर्चा
बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई के लिए अनुपालन संबंधी बोझ कम करने पर भी जोर दिया गयाछोटे कारोबारियों को जीएसटी पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने में अक्सर तकनीकी तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इन प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए विभिन्न सुधारों पर विचार किया गया।ऑनलाइन कारोबार करने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए भी पंजीकरण संबंधी व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में कदम उठाए गए।इसके साथ ही निर्यातकों को मिलने वाले जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया तेज करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान दिया गया।
इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा
जीएसटी काउंसिल की बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।आईटीसी व्यवस्था के तहत पात्र कारोबारियों को वस्तुओं और सेवाओं की खरीद पर चुकाए गए जीएसटी का क्रेडिट निर्धारित नियमों के अनुसार प्राप्त होता हैहालांकि, सप्लायर की ओर से कर जमा नहीं करने या रिटर्न संबंधी त्रुटियों के कारण खरीदारों को कई बार आईटीसी से संबंधित कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।बैठक में वास्तविक खरीदारों के हितों की सुरक्षा और संबंधित विवादों के समाधान के लिए उपायों पर विचार किया गया।इस विषय पर एक समिति गठित करने का निर्णय भी सामने आया है, जो निर्धारित अवधि में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सभी राज्यों की भागीदारी को मुख्यमंत्री ने बताया महत्वपूर्ण
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर निर्णय लेती हैं।जीएसटी काउंसिल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 279ए के अंतर्गत गठित संवैधानिक संस्था है। इसमें केंद्र सरकार के साथ राज्यों का भी प्रतिनिधित्व होता है।परिषद कर दरों, छूट, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और जीएसटी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सिफारिशें करती है।इस व्यवस्था को सहकारी संघवाद के एक उदाहरण के रूप में देखा जाता है, क्योंकि इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के बीच चर्चा तथा समन्वय के आधार पर कर नीति से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए जाते हैं।रेखा गुप्ता ने बैठक में सभी राज्यों की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इस प्रकार की संयुक्त चर्चा महत्वपूर्ण है।
जीएसटी व्यवस्था में सुधार पर सरकार का जोर
बैठक में जीएसटी की मौजूदा दरों में व्यापक बदलाव के बजाय प्रशासनिक और प्रक्रियागत सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया।कर पंजीकरण को सरल बनाने, रिफंड की प्रक्रिया तेज करने, ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक परेशानियों से बचाने और छोटे व्यापारियों के लिए नियमों को आसान बनाने जैसे विषय प्रमुख रहे।इन फैसलों का प्रभाव संबंधित नियमों और अधिसूचनाओं के लागू होने के बाद स्पष्ट होगा।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक के नतीजों पर संतोष जताते हुए कहा कि सभी राज्यों ने जीएसटी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चर्चा की।उनके अनुसार, सरकारों का प्रयास नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और कर व्यवस्था को इस प्रकार विकसित करना है कि उसका पालन अधिक आसानी से किया जा सके।57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के साथ केंद्र और राज्यों के बीच कर सुधारों से संबंधित चर्चा का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। अब संबंधित निर्णयों के कार्यान्वयन और उनके व्यावहारिक प्रभाव पर ध्यान रहेगा।
Next Story