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दिल्ली के 5 हजार ATM असुरक्षित, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

Saba Naaz
2 Aug 2026 3:03 PM IST
दिल्ली के 5 हजार ATM असुरक्षित, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एटीएम सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। दिल्ली पुलिस के एक ताजा सर्वे में शहर के 5,000 से अधिक एटीएम बूथ असुरक्षित पाए गए हैं। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में एटीएम बूथों पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं हैं। कई जगहों पर न तो सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और न ही शटर लॉक की व्यवस्था है। इसके अलावा कई एटीएम बूथों में सीसीटीवी कैमरों की कमी भी पाई गई है।

दिल्ली पुलिस ने इस वर्ष राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हजारों एटीएम बूथों की जांच की। इस दौरान पता चला कि कई एटीएम न्यूनतम सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना संचालित हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा में इस तरह की कमी अपराधियों के लिए एटीएम को आसान निशाना बना सकती है और चोरी या तोड़फोड़ की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के 2,044 एटीएम बूथों पर सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिले। वहीं 2,514 एटीएम ऐसे पाए गए जहां शटर लॉक की सुविधा नहीं थी। इसके अलावा 767 एटीएम बूथों के बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए थे। 15 एटीएम बूथों के अंदर कैमरे नहीं मिले, जबकि 119 एटीएम बिना शटर के ही संचालित हो रहे थे। पुलिस ने इन कमियों को गंभीर सुरक्षा खतरा बताया है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कई बैंक और एटीएम संचालन करने वाली एजेंसियां खर्च कम करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में कटौती करती हैं। लेकिन इसका सीधा असर एटीएम की सुरक्षा पर पड़ता है। अगर किसी बूथ पर सुरक्षा गार्ड नहीं है, सीसीटीवी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है या शटर लॉक नहीं है तो अपराधियों के लिए वारदात को अंजाम देना आसान हो जाता है।

हाल के महीनों में दिल्ली में एटीएम चोरी और तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आई हैं। अशोक विहार में कैश प्वाइंट तोड़ने और गोविंदपुरी इलाके में एटीएम उखाड़कर ले जाने जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, एटीएम चोरी करने वाले अपराधी अक्सर पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम देते हैं।

जांच एजेंसियों का कहना है कि अपराधी पहले ऐसे एटीएम बूथों की पहचान करते हैं जहां सुरक्षा कम होती है। वे कई दिनों तक उस इलाके की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। वे यह देखते हैं कि वहां लोगों की आवाजाही कितनी है, पुलिस गश्त कब होती है और घटना के बाद भागने के लिए कौन से रास्ते आसान होंगे।

एटीएम चोरी की वारदातों में अपराधी अक्सर चेहरा ढककर बूथ में प्रवेश करते हैं। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों को खराब करने के लिए उन पर पेंट या अन्य सामग्री डाल देते हैं। कई मामलों में बदमाश गैस कटर और आधुनिक उपकरणों की मदद से एटीएम मशीन के सेफ को काटकर नकदी निकालते हैं। कुछ गिरोह पूरे एटीएम को ही उखाड़कर वाहन में ले जाते हैं और बाद में किसी सुनसान जगह पर उसे खोलते हैं।

पुलिस के मुताबिक, ऐसे गिरोहों में कई लोग शामिल होते हैं। कुछ बदमाश बूथ के अंदर वारदात को अंजाम देते हैं, जबकि अन्य बाहर खड़े होकर निगरानी करते हैं। कई बार अपराधी नकली नंबर प्लेट वाले वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

एटीएम सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैंक अधिकारियों और एटीएम सेवा प्रदाताओं के साथ बैठकें की हैं। पुलिस ने सभी बैंकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इनमें संवेदनशील इलाकों के एटीएम पर सुरक्षा गार्ड तैनात करना, सीसीटीवी कैमरों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाना तथा टैम्पर डिटेक्शन सिस्टम लगाने जैसे कदम शामिल हैं।

टैम्पर डिटेक्शन सिस्टम एटीएम मशीन से छेड़छाड़ या तोड़फोड़ की कोशिश होने पर तुरंत बैंक के कंट्रोल सेंटर को अलर्ट भेजता है। इससे समय रहते पुलिस को सूचना दी जा सकती है और अपराधियों को पकड़ने में मदद मिल सकती है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि बैंक और एटीएम संचालन एजेंसियां अगर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें तो एटीएम चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। राजधानी में बढ़ते डिजिटल लेनदेन के दौर में एटीएम की सुरक्षा बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी वारदात का कारण बन सकती है।

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