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नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा करते हुए एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि युवराज सिंह के नाम, तस्वीर, पहचान, आवाज और अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं का इस्तेमाल कोई भी थर्ड पार्टी बिना उनकी अनुमति के व्यावसायिक या निजी लाभ के लिए नहीं कर सकती।
हाई कोर्ट का यह आदेश उन मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से दिया गया है, जहां किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की लोकप्रियता का फायदा उठाकर उनके नाम या पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल किया जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और उससे जुड़ी विशेषताओं का गलत तरीके से उपयोग करना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
जस्टिस ज्योति सिंह ने दिया अंतरिम आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने युवराज सिंह की ओर से दायर मुकदमे पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि युवराज सिंह भारत के सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय क्रिकेटरों में से एक हैं। उन्होंने करीब 17 वर्षों तक क्रिकेट के सभी प्रारूपों में देश का प्रतिनिधित्व किया और अपनी उपलब्धियों के कारण दुनियाभर में पहचान बनाई।
कोर्ट ने माना कि युवराज सिंह की पहचान, नाम और छवि उनके व्यक्तित्व से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकार हैं, जिनका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या संस्था द्वारा बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता।
नाम, इमेज और पहचान के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक
अदालत ने निर्देश दिया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था युवराज सिंह के नाम, फोटो, वीडियो, आवाज, हस्ताक्षर या उनसे जुड़ी किसी अन्य पहचान का इस्तेमाल उत्पाद बेचने, प्रचार करने या किसी अन्य व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं कर सकती।
इसमें मर्चेंडाइज की बिक्री, विज्ञापन, प्रचार सामग्री और अन्य माध्यम शामिल हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी सेलिब्रिटी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर आर्थिक लाभ कमाना उनके अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
AI के जरिए गलत इस्तेमाल पर भी रोक
मामले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को भी ध्यान में रखा गया। अदालत ने युवराज सिंह की पहचान से जुड़े AI-जनरेटेड कंटेंट के अनधिकृत उपयोग पर भी रोक लगाई है।
आज के समय में AI तकनीक के माध्यम से किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो को बदलकर इस्तेमाल करना आसान हो गया है। ऐसे में अदालत का यह आदेश सार्वजनिक हस्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
युवराज सिंह की उपलब्धियों को माना आधार
कोर्ट ने युवराज सिंह के लंबे क्रिकेट करियर और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक वैश्विक स्तर पर पहचानी जाने वाली शख्सियत हैं।
युवराज सिंह ने भारतीय क्रिकेट में कई यादगार प्रदर्शन किए हैं। वह 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। मैदान पर उनके प्रदर्शन और संघर्ष की कहानी ने उन्हें देश-विदेश में बड़ी लोकप्रियता दिलाई।
सेलिब्रिटी अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाई कोर्ट का यह फैसला पर्सनैलिटी राइट्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। भारत में कई प्रसिद्ध हस्तियां अपने नाम और पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर अदालतों का रुख करती रही हैं।
पर्सनैलिटी राइट्स किसी व्यक्ति को यह अधिकार देते हैं कि उसकी पहचान, नाम, छवि और अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं का इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना न किया जाए।
बिना अनुमति इस्तेमाल करने वालों पर होगी कार्रवाई
अदालत के आदेश के बाद अब युवराज सिंह से जुड़े किसी भी प्रकार के अनधिकृत इस्तेमाल पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह आदेश खास तौर पर उन लोगों और कंपनियों के लिए चेतावनी है, जो मशहूर हस्तियों की लोकप्रियता का फायदा उठाकर उनके नाम या छवि का उपयोग करते हैं।
युवराज सिंह की ओर से दायर याचिका में उनके व्यक्तित्व और पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है।
फिलहाल, अदालत के इस आदेश को सेलिब्रिटी अधिकारों और डिजिटल दौर में व्यक्तिगत पहचान की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।





