
Career: नीट यूजी री-एग्जाम 2026 से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है। 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले केंद्र सरकार के इस फैसले का कुछ छात्र और शिक्षक समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे कठोर कदम बता रहे हैं।
परीक्षा से पहले सख्ती
सरकार ने नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और नकल की आशंका को देखते हुए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। 3 मई को हुई परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
दिल्ली के एक नीट अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार का कदम सही दिशा में है, लेकिन असली ध्यान पेपर लीक के मुख्य दोषियों पर होना चाहिए। छात्रों का मानना है कि केवल प्लेटफॉर्म बंद करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
शिक्षकों ने जताई आपत्ति
रांची के एक PGT बायोलॉजी शिक्षक ने टेलीग्राम बैन को कठोर कदम बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना सही समाधान नहीं है। उनका कहना है कि इससे आम लोगों को परेशानी हो सकती है।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
इस प्रतिबंध के खिलाफ टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई के लिए सहमति दे दी है।
21 जून को होगी परीक्षा
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं।





