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अब बेटियां चुन रहीं ज्यादा साइंस, शिक्षा विभाग ने जारी किए आंकड़े

Saba Naaz
11 July 2026 4:57 PM IST
अब बेटियां चुन रहीं ज्यादा साइंस, शिक्षा विभाग ने जारी किए आंकड़े
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नई दिल्ली। भारत में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स यानी STEM शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में STEM कोर्सों के प्रति छात्रों का रुझान लगातार बढ़ा है। खास बात यह है कि इन तकनीकी और विज्ञान आधारित पाठ्यक्रमों में छात्राओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014-15 में STEM कोर्सों में कुल 91.5 लाख छात्रों ने नामांकन कराया था। वहीं, 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 101.9 लाख यानी करीब 1.02 करोड़ तक पहुंच गई। यह आंकड़े बताते हैं कि देश में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को लेकर छात्रों की रुचि में लगातार इजाफा हो रहा है।

STEM शिक्षा में सबसे बड़ा बदलाव छात्राओं की भागीदारी में देखने को मिला है। आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 में STEM पाठ्यक्रमों में लड़कियों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई। वहीं, इसी अवधि में छात्रों की हिस्सेदारी 62 प्रतिशत से घटकर 56 प्रतिशत रह गई है। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव देश में जेंडर इक्वालिटी की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। पहले विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र को मुख्य रूप से पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था, लेकिन अब बड़ी संख्या में छात्राएं इंजीनियरिंग, तकनीक, रिसर्च और गणित जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं।

क्या है STEM शिक्षा?

STEM का मतलब Science यानी विज्ञान, Technology यानी प्रौद्योगिकी, Engineering यानी इंजीनियरिंग और Mathematics यानी गणित है। इन चारों क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम छात्रों को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करते हैं। STEM शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े कई कोर्स शामिल होते हैं। वर्तमान समय में इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके कारण छात्रों का रुझान भी इन विषयों की ओर बढ़ा है।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बड़ी उपलब्धि

पिछले कुछ वर्षों में सरकार और शिक्षण संस्थानों की ओर से लड़कियों को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। छात्रवृत्ति, जागरूकता अभियान और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के कारण STEM क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती संख्या देश के नवाचार और विकास को मजबूती देगी। अधिक संख्या में छात्राओं के STEM क्षेत्र में आने से रिसर्च, स्टार्टअप और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।

भारत का मजबूत होता STEM इकोसिस्टम

जारी आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत में STEM शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जहां एक ओर कुल नामांकन में वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र में संतुलन की ओर इशारा करती है। आज के दौर में विज्ञान और तकनीक आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में STEM शिक्षा छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों से साफ है कि भारत में STEM शिक्षा अब सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बड़ी संख्या में बेटियां भी इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। यह बदलाव देश के शिक्षा क्षेत्र में एक नई दिशा और सकारात्मक भविष्य का संकेत माना जा रहा है।

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