
वाराणसी। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए जरूरी खबर है। विश्वविद्यालय ने CUET UG के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी है और अभ्यर्थियों के लिए योग्यता (Minimum Eligibility) तथा आरक्षण (Reservation) से जुड़े नियमों को लेकर नोटिस जारी किया है। BHU ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सभी पात्रता मानदंड और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अच्छी तरह जांच लेनी चाहिए।
विश्वविद्यालय ने कहा है कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों के आवेदन पर विचार किया जाएगा, जो संबंधित पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करते हों और सही दस्तावेज जमा करें। किसी भी तरह की गलत जानकारी या फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
BHU में केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार विभिन्न वर्गों के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ दिया जाता है। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और दिव्यांगजन (PwBD) शामिल हैं।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार SC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 15 प्रतिशत, ST वर्ग के लिए 7.5 प्रतिशत, OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए 27 प्रतिशत, EWS वर्ग के लिए 10 प्रतिशत और दिव्यांगजन (PwBD) उम्मीदवारों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं।
BHU ने बताया है कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार कुछ विशेष छूट भी दी जाएगी। SC, ST, OBC और PwBD वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम पासिंग मार्क्स में निर्धारित नियमों के तहत राहत मिलेगी। इसके अलावा PwBD, SC, ST और OBC वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में भी छूट का प्रावधान है।
विश्वविद्यालय ने मेरिट लिस्ट को लेकर भी नियम स्पष्ट किए हैं। यदि किसी सामान्य वर्ग के उम्मीदवार ने सामान्य वर्ग की मेरिट सूची में स्थान हासिल किया है, तो उसे सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के रूप में ही माना जाएगा। आरक्षण का लाभ केवल निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र उम्मीदवारों को ही मिलेगा।
BHU ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय की सूचना पुस्तिका (Information Bulletin) को ध्यान से पढ़ें। इसमें सभी पाठ्यक्रमों की योग्यता, उम्र सीमा, आरक्षण नियम और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है।
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को जिस कोर्स में दाखिला लेना है, उसके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रमाण पत्र और डिग्री ही स्वीकार की जाएगी। गलत जानकारी देने, फर्जी दस्तावेज जमा करने या नियमों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार का आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
BHU ने यह भी बताया है कि पहले किसी प्रवेश परीक्षा में शामिल हो चुके उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा या प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े नियम सूचना पुस्तिका में दिए गए हैं। केवल परीक्षा में शामिल होना प्रवेश की गारंटी नहीं माना जाएगा। उम्मीदवारों का चयन निर्धारित प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि आवेदन करते समय सभी जानकारी सही भरें और जरूरी दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक अपलोड करें। थोड़ी सी लापरवाही के कारण आवेदन रद्द हो सकता है और छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
BHU देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है, इसलिए यहां दाखिले के लिए बड़ी संख्या में छात्र आवेदन करते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे योग्यता, आरक्षण और प्रवेश नियमों को समझकर ही आवेदन करें, ताकि उनका एडमिशन आवेदन बिना किसी परेशानी के स्वीकार हो सके।





