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जियो IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स, दो दिन में 5.5 गुना सब्सक्रिप्शन

Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 10:15 PM IST
जियो IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स, दो दिन में 5.5 गुना सब्सक्रिप्शन
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Business। देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को आईपीओ के दूसरे दिन तक यह 5.57 गुना सब्सक्राइब हो गया। लगभग 30,213 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में निवेशकों ने उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 110 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। एंकर निवेशकों की मांग को शामिल करने पर कुल निवेशक मांग का आंकड़ा लगभग 3.73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसे भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में से एक माना जा रहा है। मजबूत मांग के चलते निवेशकों की नजर अब अंतिम दिन की सब्सक्रिप्शन स्थिति और शेयरों की लिस्टिंग पर टिकी है।
दूसरे दिन 5.57 गुना सब्सक्राइब हुआ आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को निवेशकों के लिए खुला था। पहले ही दिन इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली और कुछ ही समय में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले अधिक बोलियां प्राप्त हो गईं।
दूसरे दिन गुरुवार को भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। शेयर बाजार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ में लगभग 110.03 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिले, जबकि सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के लिए करीब 19.75 करोड़ शेयर उपलब्ध थे।इस तरह दूसरे दिन के अंत तक कुल सब्सक्रिप्शन 5.57 गुना पहुंच गया।
यह आंकड़ा बताता है कि बड़ी संख्या में निवेशक रिलायंस के डिजिटल कारोबार में हिस्सेदारी खरीदने के इच्छुक हैं। हालांकि, अधिक सब्सक्रिप्शन का अर्थ शेयर बाजार में निश्चित मुनाफे की गारंटी नहीं होता।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सबसे अधिक मांग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी योग्य संस्थागत निवेशकों की ओर से देखने को मिली।इस श्रेणी के लिए लगभग 4.90 करोड़ शेयर आरक्षित थे, जबकि निवेशकों ने 65.15 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।
इस तरह संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 13.29 गुना सब्सक्राइब हुआ।इस श्रेणी में बड़े वित्तीय संस्थान, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य पात्र निवेशक शामिल होते हैं।संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी को बाजार में कंपनी के प्रति बढ़ती दिलचस्पी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
खुदरा निवेशकों ने भी जमकर लगाया पैसा
इस आईपीओ में आम निवेशकों ने भी अच्छी भागीदारी दिखाई।खुदरा निवेशकों के लिए लगभग 8.50 करोड़ शेयर आरक्षित किए गए थे। इसके मुकाबले करीब 13.11 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिले।इसके साथ ही खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.54 गुना सब्सक्राइब हो गया।
गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में भी मजबूत मांग देखने को मिली। यह हिस्सा 5.97 गुना सब्सक्राइब हुआ।इसके अलावा कर्मचारियों के लिए आरक्षित श्रेणी 2.10 गुना और रिलायंस के पात्र शेयरधारकों का हिस्सा 4.05 गुना सब्सक्राइब हुआ।
आईपीओ का प्राइस बैंड कितना है?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड निर्धारित किया है।आईपीओ में आवेदन करने के लिए न्यूनतम लॉट साइज 12 शेयरों का रखा गया है।ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार, एक लॉट खरीदने के लिए खुदरा निवेशकों को कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे।
कर्मचारियों के लिए कंपनी ने प्रति शेयर 54 रुपये की छूट देने का भी प्रावधान किया है।यह आईपीओ पूरी तरह नए शेयर जारी करने पर आधारित है। इसमें ऑफर फॉर सेल का हिस्सा शामिल नहीं है।
एंकर निवेशकों से जुटाए हजारों करोड़ रुपये
सार्वजनिक आईपीओ खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों से भी बड़ी रकम जुटाई थी।कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को लगभग 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए।
इस प्रक्रिया में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई बड़े संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया।एंकर
निवेशकों
की ओर से उपलब्ध शेयरों की तुलना में काफी अधिक मांग दर्ज की गई थी।इन निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम, वैश्विक निवेश संस्थान और प्रमुख म्यूचुअल फंड शामिल रहे।
एंकर बुक में प्राप्त बोलियां और सार्वजनिक आईपीओ में निवेशकों द्वारा लगाई गई बोलियां अलग-अलग चरणों की मांग दर्शाती हैं। इसलिए कुल 3.73 लाख करोड़ रुपये की मांग को कंपनी द्वारा जुटाई गई वास्तविक रकम नहीं समझना चाहिए।
देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल
जियो प्लेटफॉर्म्स का लगभग 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के लिए बड़ी घटना माना जा रहा है।कंपनी की विशाल डिजिटल पहुंच, दूरसंचार सेवाओं में मजबूत स्थिति और भविष्य की विस्तार योजनाओं के कारण इस शेयर बिक्री को लेकर काफी उत्साह है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में जियो ने पिछले कुछ वर्षों में देश के डिजिटल और दूरसंचार बाजार में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।अब अलग से शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया कंपनी को नए निवेशकों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करेगी।
53 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की प्रमुख डिजिटल कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास सितंबर 2026 तक लगभग 53.3 करोड़ ग्राहकों का आधार बताया गया है।दूरसंचार सेवाओं के अलावा कंपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्रॉडबैंड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में काम कर रही है।
जियो के डिजिटल कारोबार में भविष्य की संभावनाओं को लेकर निवेशकों की रुचि देखी जा रही है।हालांकि, दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, नेटवर्क विस्तार पर खर्च और नई तकनीकों में निवेश जैसी चुनौतियां भी कंपनी के सामने बनी हुई हैं।
आईपीओ से जुटाई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
आईपीओ के माध्यम से जुटाई जाने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में करेगी।रिपोर्ट के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त धन का एक हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को कम करने में उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी अपने डिजिटल कारोबार और अन्य विकास योजनाओं में निवेश कर सकती है।इससे जियो को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और भविष्य की परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
कब बंद होगा आईपीओ और कब होगी लिस्टिंग?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के लिए 21 अक्टूबर को खुला था और इसमें आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।आईपीओ में शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।वहीं कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर प्रस्तावित है।निवेशक आवंटन की स्थिति संबंधित आधिकारिक माध्यमों से जांच सकेंगे।
ग्रे मार्केट में भी दिख रही हलचल
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर अनौपचारिक ग्रे मार्केट में भी गतिविधियां बढ़ी हैं।22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रे मार्केट में प्रति शेयर लगभग 240 रुपये का प्रीमियम बताया गया था।यह ऊपरी प्राइस बैंड की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत संभावित बढ़त का संकेत देता है।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम पूरी तरह अनौपचारिक होता है। इसमें लगातार बदलाव होता रहता है और वास्तविक लिस्टिंग मूल्य इससे अलग हो सकता है।इसलिए निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए।
अब अंतिम दिन के सब्सक्रिप्शन पर नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को दूसरे दिन तक मिली मजबूत मांग ने बाजार में उत्साह बढ़ा दिया है।संस्थागत निवेशकों के साथ खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है।
अब सबकी नजर 23 अक्टूबर को आईपीओ के अंतिम दिन पर रहेगी। इसके बाद शेयरों के आवंटन और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित लिस्टिंग से कंपनी की शेयर बाजार में शुरुआत की तस्वीर स्पष्ट होगी।हालांकि, निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन, जोखिम और अपनी निवेश क्षमता का आकलन करने के बाद ही निवेश संबंधी फैसला लें।
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