गुजरात

गुजरात में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, कलेक्टरों को सख्त निर्देश

Ratna Netam
22 Oct 2026 10:09 PM IST
गुजरात में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, कलेक्टरों को सख्त निर्देश
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गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अक्टूबर 2026 के राज्य स्तरीय 'स्वागत' (SWAGAT) ऑनलाइन जन शिकायत निवारण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसान प्रमाणपत्र जारी करने, सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाने और लंबित आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में राज्यभर से 4,953 से अधिक आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई की गई। इनमें जिला और तालुका स्तर पर प्राप्त शिकायतें भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
170 से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में दी शिकायत
गुरुवार को आयोजित राज्य स्तरीय स्वागत कार्यक्रम में 170 से अधिक आवेदकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से अपनी शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत किए।राज्यभर में कुल 4,953 से अधिक आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई की गई। इनमें 2,200 आवेदन जिला स्वागत कार्यक्रम के दौरान प्राप्त हुए, जबकि 2,583 आवेदन तालुका स्तर पर दर्ज किए गए।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को शिकायतों की गंभीरता के आधार पर उनका प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए।हालांकि, इन आवेदनों पर कार्रवाई किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी शिकायतों का अंतिम समाधान हो चुका है। लंबित मामलों में विभागीय प्रक्रिया जारी रह सकती है।
किसान प्रमाणपत्र जारी करने में देरी नहीं करने के निर्देश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों को नियमानुसार खेदुत खातेदार प्रमाणपत्र जारी किए जाएं।यह प्रमाणपत्र गुजरात में किसान होने और कृषि भूमि संबंधी पात्रता के सत्यापन से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन करने वाले किसानों के दस्तावेजों की जांच नियमानुसार होनी चाहिए। यदि कोई आवेदक सभी आवश्यक शर्तें पूरी करता है, तो उसका आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सरकारी जमीन पर अतिक्रमण रोकने पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को रोकने के लिए भी जिला प्रशासन को निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन का संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और अतिक्रमण से संबंधित शिकायतों की जांच नियमानुसार की जानी चाहिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी भूमि की पहचान, राजस्व अभिलेखों की जांच और आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।इसके अलावा किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़े भूमि विवादों का समाधान भी प्राथमिकता से करने की बात कही गई।
ऑनलाइन स्वागत कार्यक्रम से जनता को मिल रही सुविधा
गुजरात सरकार का स्वागत कार्यक्रम नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए स्थापित एक तकनीक आधारित व्यवस्था है।इसकी शुरुआत वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में की गई थी। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को शासन के विभिन्न स्तरों पर अपनी समस्याएं प्रस्तुत करने और अधिकारियों से समाधान प्राप्त करने का अवसर देना है।राज्य स्तरीय स्वागत कार्यक्रम सामान्यतः प्रत्येक महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित किया जाता है। जिला और तालुका स्तर पर भी शिकायत निवारण की व्यवस्था उपलब्ध है।
अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रशासन को नागरिकों की समस्याओं का समाधान निर्धारित नियमों के अनुसार करना चाहिए।उन्होंने जोर दिया कि जिन मामलों का समाधान जिला या तालुका स्तर पर किया जा सकता है, उन्हें अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक नहीं भेजना चाहिए।इससे लोगों का समय बचेगा और सरकारी कामकाज में तेजी आएगी।मुख्यमंत्री इससे पहले भी स्वागत कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन को समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी शिकायत निवारण सुनिश्चित करने के निर्देश दे चुके हैं।
जिला और तालुका स्तर पर बढ़ेगी जवाबदेही
राज्य सरकार का उद्देश्य शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत बनाकर नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और लंबित मामलों में हुई प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराएं।विशेष रूप से राजस्व अभिलेखों, किसान प्रमाणपत्र, भूमि विवाद और सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में उचित जांच के बाद निर्णय लेने पर जोर दिया गया।
आम नागरिकों की समस्याओं का जल्द समाधान प्राथमिकता
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दोहराया कि प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।उन्होंने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि किसान प्रमाणपत्र जारी करने और सरकारी जमीन को अतिक्रमण से बचाने जैसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।अक्टूबर के स्वागत कार्यक्रम में हजारों आवेदनों पर हुई कार्रवाई को राज्य सरकार की शिकायत निवारण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। अब इन मामलों के वास्तविक समाधान और अधिकारियों द्वारा निर्देशों के पालन पर निगरानी आवश्यक होगी।
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