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पहला कारोबार जिसने बदली गौतम अदाणी की किस्मत

Saba Naaz
21 July 2026 3:44 PM IST
पहला कारोबार जिसने बदली गौतम अदाणी की किस्मत
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भारत: दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल गौतम अदाणी आज अदाणी ग्रुप के चेयरमैन हैं और उनका कारोबार पोर्ट, एयरपोर्ट, ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी जैसे कई बड़े क्षेत्रों में फैला हुआ है। लेकिन बेहद कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे स्तर के काम से की थी और महज 20 साल की उम्र में ही मिलियनेयर बन गए थे। उनकी सफलता की कहानी संघर्ष, जोखिम उठाने की क्षमता और कारोबारी सोच का उदाहरण मानी जाती है।

गौतम अदाणी ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1978 में मुंबई से की थी। उस समय उनकी उम्र करीब 16 साल थी। उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़कर मुंबई का रुख किया और वहां डायमंड इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने महिंद्रा ब्रदर्स में डायमंड सॉर्टर के रूप में काम किया, जहां उन्होंने हीरे की पहचान, गुणवत्ता जांच और बाजार की समझ हासिल की।

कुछ समय तक काम करने के बाद अदाणी ने खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने मुंबई के प्रसिद्ध जावेरी बाजार में डायमंड ब्रोकरेज का काम शुरू किया। यह कारोबार तेजी से आगे बढ़ा और उनकी कारोबारी समझ ने उन्हें कम उम्र में ही बड़ी सफलता दिलाई। बताया जाता है कि वर्ष 1982 तक, यानी करीब 20 साल की उम्र में ही वे मिलियनेयर बन चुके थे।

इसके बाद अदाणी ने अपने बड़े भाई के साथ कारोबार में कदम रखा। वर्ष 1981 में उन्होंने अपने भाई के प्लास्टिक कारोबार में मदद करनी शुरू की। इसी दौरान उन्हें इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और कमोडिटी ट्रेडिंग के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला। प्लास्टिक उद्योग के लिए जरूरी कच्चे माल के आयात से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की बारीकियां सीखीं।

यहीं से उनके लिए इंटरनेशनल ट्रेडिंग का रास्ता खुला। उन्होंने पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) जैसे कच्चे माल के आयात का काम शुरू किया और धीरे-धीरे व्यापार का विस्तार किया। वर्ष 1985 में भारत सरकार की उदार आयात नीतियों का लाभ उठाते हुए उन्होंने छोटे उद्योगों के लिए कच्चे माल की सप्लाई का कारोबार बढ़ाया।

साल 1988 में गौतम अदाणी ने अदाणी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की स्थापना की, जिसे आज अदाणी एंटरप्राइजेज के नाम से जाना जाता है। शुरुआत में कंपनी कृषि उत्पादों और ऊर्जा से जुड़े सामानों के व्यापार में सक्रिय थी। लेकिन समय के साथ कंपनी ने कई नए क्षेत्रों में प्रवेश किया और अदाणी ग्रुप का विस्तार होता गया।

अदाणी की कारोबारी यात्रा में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने पोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कदम रखा। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के विकास के साथ उनका कारोबार तेजी से बढ़ा। इसके बाद कंपनी ने बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, एयरपोर्ट संचालन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई।

आज अदाणी ग्रुप भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल है। उनकी कहानी यह दिखाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही अवसर पहचानकर और लगातार मेहनत करके बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। डायमंड सॉर्टर से शुरू हुआ उनका सफर आज दुनिया के बड़े कारोबारी साम्राज्यों में से एक बन चुका है।

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