पंजाब

NEET पेपर लीक और किसान आंदोलन पर हरसिमरत का हमला

Saba Naaz
21 July 2026 3:41 PM IST
NEET पेपर लीक और किसान आंदोलन पर हरसिमरत का हमला
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बठिंडा: सांसद हरसिमरत कौर बादल ने नीट पेपर लीक मामले और किसानों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अपनी मांगों को रखने के लिए आगे आए छात्रों के साथ किसी भी तरह की बर्बरता उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों और किसानों दोनों के साथ संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकाला जाए।

संसद के मानसून सत्र के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरसिमरत कौर ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियां गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों छात्र और उनके अभिभावक प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं और अपनी मेहनत व आर्थिक संसाधन लगाते हैं। ऐसे में अगर परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होती है तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।

हरसिमरत कौर ने कहा कि नीट पेपर लीक के अलावा सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था और जेईई मेन्स परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्याएं भी सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि देश का युवा अपने भविष्य के लिए इन परीक्षाओं पर निर्भर रहता है।

उन्होंने दिल्ली में नीट मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्रों को अपनी बात रखने और अपनी शिकायतें सामने रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।

हरसिमरत कौर ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह छात्रों के साथ सार्थक बातचीत करे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करे। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।

इसके साथ ही सांसद ने पंजाब के किसानों के प्रदर्शन का भी समर्थन किया। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर किसानों की चिंताओं पर उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की आशंकाओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान इस समझौते के संभावित प्रभावों को लेकर चिंतित हैं और उन्हें डर है कि सस्ते कृषि उत्पादों और डेयरी आयात से उनकी आय पर असर पड़ सकता है।

हरसिमरत कौर ने कहा कि किसानों को अपनी बात रखने के लिए दिल्ली जाने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने हरियाणा बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेड और किसानों को रोकने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि वह पिछले कई सत्रों से किसानों से जुड़े मुद्दे संसद में उठाती रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इन मामलों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि किसानों पर दबाव बनाने के बजाय उनके प्रतिनिधियों से बातचीत की जाए और उनकी चिंताओं का समाधान निकाला जाए।

हरसिमरत कौर ने कहा कि देश के छात्रों और किसानों दोनों से जुड़े मुद्दे बेहद संवेदनशील हैं। सरकार को इन मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

नीट पेपर लीक और किसान आंदोलन को लेकर हरसिमरत कौर के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने एक बार फिर केंद्र सरकार से अपील की है कि वह छात्रों और किसानों की समस्याओं को सुनकर समाधान की दिशा में कदम उठाए।

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