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'पापा की स्कूटर' का जमाना वापिस आया, 'भैया की बाइक' छूटने लगी पीछे, तो ये है पूरी कहानी!

Ashish verma
19 May 2025 2:48 PM IST
पापा की स्कूटर का जमाना वापिस आया, भैया की बाइक छूटने लगी पीछे,    तो ये है पूरी कहानी!
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भारत में 'स्कूटर' को हमेशा मिडिल क्लास और मिडिल-एज व्यक्ति से कनेक्ट करके देखा जाता है

Business व्यापार: 80 और 90 का दशक वो दौर था जब देश में हर जगह स्कूटर का बोलबाला था। इसमें सबसे ऊपर बजाज चेतक और एलएमएल वेस्पा का नाम था। इसके बाद 2000 के दशक तक स्कूटर सड़कों से गायब होने लगे और उनकी जगह मोटरसाइकिलों ने ले ली। हीरो स्प्लेंडर से लेकर बजाज पल्सर तक ने मोटरबाइक की दुनिया में नई कहानी लिखी। अब एक बार फिर दुनिया बदल रही है। इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स की डिमांड बढ़ रही है। वहीं, ऑटोमैटिक गियर का जमाना आ गया है और इसका असर ये हुआ है कि स्कूटर की बिक्री लगातार बाइक की बिक्री को पीछे छोड़ रही है। स्कूटर की बिक्री 7 साल के उच्चतम स्तर पर वित्त वर्ष 2024-25 के आंकड़ों पर गौर करें तो देश में 2-व्हीलर्स की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसमें भी स्कूटर का योगदान सबसे अहम रहा है।

इस दौरान देश में 68.5 लाख स्कूटर बिके हैं, जो 7 साल का उच्चतम स्तर है। इससे पहले कोविड से पहले 2018-19 में 67 लाख स्कूटर बिके थे, तब देशभर में 2.11 करोड़ 2-व्हीलर बिके थे। FADA के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में स्कूटर की बिक्री ने 2-व्हीलर सेगमेंट को ग्रोथ दी है। जबकि स्कूटर की बिक्री में 17.36 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। वहीं मोटरसाइकिल की बिक्री में 5 फीसदी की ग्रोथ रही है। जबकि 2-व्हीलर की कुल बिक्री ग्रोथ करीब 9 फीसदी रही है। स्कूटर की बिक्री बढ़ाने में इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर ने भी बड़ा काम किया है। इसकी कुल 10 लाख से ज्यादा यूनिट बिक चुकी हैं। TVS मोटर से लेकर बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प और ओला-एथर जैसी पारंपरिक ऑटो कंपनियों की बिक्री भी जबरदस्त रही है। इस दौरान इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर की बिक्री में 21 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है।
बाइक पीछे छूट रही हैं
सियाम के आंकड़ों पर गौर करें तो देश के 2-व्हीलर सेगमेंट में भले ही मोटरसाइकिलें अभी भी दबदबे वाली स्थिति में हैं, लेकिन स्कूटर लगातार उन्हें पछाड़ रहे हैं। पिछले 5 सालों में स्कूटरों की बाजार हिस्सेदारी तेजी से'पापा की स्कूटर' का जमाना वापस आ गया, 'भैया की बाइक' छूटती जा रही है पीछे, ये है पूरी कहानी बढ़ी है, जबकि बाइकों की हिस्सेदारी घटी है। वित्त वर्ष 2019-20 में देश के कुल 2-व्हीलर में स्कूटरों की हिस्सेदारी 30 फीसदी थी। अब यह बढ़कर 35 फीसदी हो गई है। जबकि मोटरसाइकिलों की बिक्री 66 फीसदी बाजार हिस्सेदारी से घटकर 62 फीसदी पर आ गई है।
पीढ़ी के साथ बदल रहा वाहन
पीढ़ी के साथ 2-व्हीलर की पसंद को भी समझा जा सकता है। आज भारत में अच्छी क्रय शक्ति वाली सबसे बड़ी पीढ़ी मिलेनियल्स की है। यह पीढ़ी अभी 35 साल की उम्र में है, जहां यह शादीशुदा जिंदगी के बाद सेटल हो रही है और इनके बच्चे बड़े हो रहे हैं, यानी यह 'फादर फिगर' वाली पीढ़ी है। यह पीढ़ी 2000 के दशक में कॉलेज जाने या कहें कि किशोरावस्था के चरम पर थी और तब क्रय शक्ति जनरेशन एक्स के पास थी, जो सवारी के रूप में ज़्यादातर स्कूटर को पसंद करती थी। उस दौर में 'बजाज चेतक' और 'बजाज सुपर' का अपना अलग ही आकर्षण था, हालाँकि उस समय देश में बाइक के ज़्यादा विकल्प उपलब्ध नहीं थे।
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