व्यापार

₹8 Crore डिफॉल्ट केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त

Ratna Netam
28 Jun 2026 9:40 PM IST
₹8 Crore  डिफॉल्ट केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त
x

Business बिजनेस : देश की सर्वोच्च अदालत ने बैंकिंग व्यवस्था में लोन मंजूरी प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक आम लोगों और बड़े कर्जदारों के बीच लोन देने की प्रक्रिया में अलग तरह का रवैया अपनाते हैं।अदालत ने कहा कि जब बड़े उद्योगपतियों या कॉरपोरेट समूहों को हजारों करोड़ रुपये का कर्ज दिया जाता है, तो कई मामलों में प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल और लचीली दिखाई देती है। वहीं दूसरी ओर, जब कोई सामान्य नागरिक पर्सनल लोन या छोटा कर्ज लेने बैंक जाता है, तो उससे कई तरह के दस्तावेज, शर्तें और जांच प्रक्रियाएं पूरी करवाई जाती हैं, जिससे प्रक्रिया लंबी और जटिल हो जाती है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य बैंकों के नियमों या उनके जोखिम प्रबंधन ढांचे को कमजोर करना नहीं है। अदालत ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और वित्तीय सुरक्षा जरूरी है, लेकिन प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जो सभी के लिए समान रूप से निष्पक्ष और समझने में आसान हो।Supreme Court of India ने यह भी संकेत दिया कि वित्तीय संस्थानों को अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी चाहिए ताकि छोटे और बड़े सभी तरह के कर्जदारों के साथ संतुलित व्यवहार सुनिश्चित किया जा सके।

इस टिप्पणी के बाद बैंकिंग क्षेत्र की कार्यप्रणाली और लोन वितरण नीति पर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सिस्टम में जोखिम मूल्यांकन जरूरी है, लेकिन आम ग्राहकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में सुधार की गुंजाइश बनी हुई है।यह मामला अब देश में बैंकिंग पारदर्शिता और समान व्यवहार को लेकर एक नई बहस का विषय बन गया है।

Next Story