
New Delhi नई दिल्ली : 1 जुलाई से एलपीजी सिलेंडर से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। नए प्रावधानों के तहत कुछ श्रेणी के ग्राहकों के एलपीजी कनेक्शन बंद होने की संभावना जताई जा रही है, खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए जो ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे या जिनके पास एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा पहले ही एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) अमेंडमेंट ऑर्डर 2026 लागू किया जा चुका है। इस नियम के तहत जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन है, उनके मौजूदा एलपीजी कनेक्शन पर भी प्रभाव पड़ सकता है।नए नियम के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं का इंडेन, एचपी गैस और भारत गैस कनेक्शन 30 दिनों के भीतर बंद किया जा सकता है, यदि वे पात्रता मानदंडों के अंतर्गत नहीं आते हैं या एक से अधिक कनेक्शन रखते हैं। इस बदलाव का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।
इसके अलावा, जिन ग्राहकों ने अब तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें भी एलपीजी सिलेंडर की नियमित आपूर्ति में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी से उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित होती है और सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता आती है।नए नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई ग्राहक स्वयं अपना एलपीजी कनेक्शन बंद कराता है, तो उसे एक कूपन जारी किया जाएगा। इस कूपन के जरिए भविष्य में जरूरत पड़ने पर वह दोबारा एलपीजी कनेक्शन प्राप्त कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से सिस्टम में सुधार होगा, लेकिन शुरुआती चरण में कुछ उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें और अपने दस्तावेज अपडेट रखें।कुल मिलाकर, 1 जुलाई से लागू होने वाले ये नियम एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं, लेकिन इसका असर लाखों घरेलू उपभोक्ताओं पर देखने को मिल सकता है।





