
Business बिजनेस : ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। यह तेजी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद आई, जिसमें दावा किया गया है कि भारत सरकार जल्द ही मिलिट्री ड्रोन खरीदने का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर दे सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह संभावित ऑर्डर 2 अरब डॉलर यानी करीब 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इस खबर के बाद निवेशकों में उत्साह देखा गया और ड्रोन निर्माण से जुड़ी घरेलू कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी हुई।
जानकारी के अनुसार, सरकार की यह योजना रक्षा क्षेत्र में ड्रोन तकनीक को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है। आधुनिक युद्ध और निगरानी प्रणाली में ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते भारत भी अपनी सैन्य क्षमताओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह ऑर्डर जारी होता है तो इससे भारतीय ड्रोन उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। घरेलू कंपनियों को न केवल उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलेगा, बल्कि तकनीकी विकास और अनुसंधान में भी तेजी आएगी।
इस संभावित सौदे से देश में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी बल मिलने की उम्मीद है। सरकार लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है और ड्रोन तकनीक को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के बड़े रक्षा ऑर्डर से संबंधित कंपनियों के राजस्व और भविष्य की ग्रोथ पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी उम्मीद में गुरुवार को निवेशकों ने ड्रोन निर्माण कंपनियों के शेयरों में भारी खरीदारी की, जिससे उनमें तेज उछाल देखा गया।
हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इस ऑर्डर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट के आधार पर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
आने वाले समय में यदि यह सौदा आगे बढ़ता है तो भारत का रक्षा ड्रोन बाजार और अधिक मजबूत हो सकता है और वैश्विक स्तर पर भी देश की स्थिति बेहतर होने की संभावना है।





