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Jio IPO से पहले ग्रे मार्केट में हलचल, ₹160 तक पहुंचा GMP

Ashish verma
6 Oct 2026 7:15 PM IST
Jio IPO से पहले ग्रे मार्केट में हलचल, ₹160 तक पहुंचा GMP
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Jio IPO : मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल कारोबार जियो प्लेटफॉर्म्स के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है। IPO खुलने से पहले ही कंपनी के शेयरों को लेकर ग्रे मार्केट में हलचल तेज हो गई है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब 160 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया है। इससे निवेशकों के बीच संभावित लिस्टिंग गेन को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुलने की संभावना है। प्रस्तावित इश्यू के जरिए कंपनी करीब 3.8 अरब डॉलर यानी लगभग 33 हजार से 38 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है। अगर यह IPO इसी आकार में आता है तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
IPO के लिए निवेशकों की बोली प्रक्रिया 21 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक चलने की संभावना है। वहीं शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर के आसपास हो सकती है। हालांकि IPO के अंतिम प्राइस बैंड, लॉट साइज और दूसरी शर्तों की आधिकारिक जानकारी कंपनी की ओर से जारी किए जाने वाले अंतिम दस्तावेजों से ही साफ होगी।
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा जियो के GMP की हो रही है। ग्रे मार्केट में उपलब्ध संकेतों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों पर करीब 160 रुपये प्रति शेयर का प्रीमियम देखा जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि अनऑफिशियल मार्केट में निवेशक IPO के संभावित इश्यू प्राइस से करीब 160 रुपये ज्यादा देने को तैयार बताए जा रहे हैं।
हालांकि यहां यह समझना बेहद जरूरी है कि जब तक IPO का आधिकारिक प्राइस बैंड घोषित नहीं हो जाता, तब तक सिर्फ GMP के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस निकालना संभव नहीं है। उदाहरण के लिए अगर किसी शेयर का अपर प्राइस बैंड 1,000 रुपये होता और GMP 160 रुपये रहता, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 1,160 रुपये मानी जा सकती थी। लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स के वास्तविक प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा के बाद ही ऐसा कैलकुलेशन सही तरीके से किया जा सकेगा।
GMP का मतलब Grey Market Premium होता है। यह ऐसा अनऑफिशियल बाजार है जहां IPO की लिस्टिंग से पहले शेयरों में खरीद-बिक्री से जुड़े सौदे किए जाते हैं। यह बाजार स्टॉक एक्सचेंज की तरह रेगुलेटेड नहीं होता। इसलिए GMP सिर्फ निवेशकों के मौजूदा सेंटीमेंट का संकेत देता है, इसे गारंटीड लिस्टिंग गेन नहीं माना जाना चाहिए।
जियो प्लेटफॉर्म्स के GMP में पिछले कुछ दिनों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। अलग-अलग ट्रैकर्स के मुताबिक यह प्रीमियम करीब 120 रुपये से 170 रुपये के बीच घूमता रहा है। कुछ ताजा संकेतों में यह लगभग 145 से 160 रुपये के आसपास बताया जा रहा है। इससे साफ है कि ग्रे मार्केट में जियो को लेकर मजबूत रुचि जरूर है, लेकिन आंकड़े स्थिर नहीं हैं।
निवेशकों के उत्साह की बड़ी वजह जियो प्लेटफॉर्म्स का विशाल डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार है। जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है और इसके करोड़ों मोबाइल ग्राहक हैं। इसके अलावा कंपनी डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एंटरप्राइज नेटवर्किंग और अन्य टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स में पहले से ही कई बड़े ग्लोबल निवेशक हिस्सेदारी रखते हैं। Meta और Google जैसी दिग्गज कंपनियां भी इसमें निवेश कर चुकी हैं। यही वजह है कि IPO को केवल एक टेलीकॉम कंपनी की लिस्टिंग के तौर पर नहीं बल्कि भारत के बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म की बाजार में एंट्री के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस IPO के जरिए जुटाई जाने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कारोबार मजबूत करने और वित्तीय स्थिति बेहतर करने में इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी पर मौजूद कर्ज को कम करना भी IPO से जुटाए जाने वाले फंड के इस्तेमाल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य बताया जा रहा है।
जियो के IPO की खबरों का असर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी दिखाई दिया है। IPO की तारीख करीब आने के साथ रिलायंस के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। बाजार की नजर इस बात पर भी है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की अंतिम वैल्यूएशन कितनी तय होती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित वैल्यूएशन करीब 143 से 146 अरब डॉलर तक बताई जा रही है। भारतीय रुपये में यह आंकड़ा बेहद बड़ा है और इसी कारण यह IPO भारतीय पूंजी बाजार के सबसे चर्चित इश्यू में शामिल हो गया है।
निवेशकों के लिए हालांकि सिर्फ GMP देखकर IPO में पैसा लगाना सही रणनीति नहीं मानी जाती। कंपनी का कारोबार, वैल्यूएशन, मुनाफा, कर्ज, भविष्य की विकास संभावनाएं और IPO का प्राइस बैंड भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कई बार ग्रे मार्केट प्रीमियम बहुत ज्यादा होने के बावजूद शेयर की लिस्टिंग कमजोर हो सकती है। वहीं कुछ मामलों में कम GMP वाले IPO भी बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। इसलिए GMP को सिर्फ एक संकेत के रूप में देखना चाहिए।
फिलहाल जियो प्लेटफॉर्म्स का करीब 160 रुपये प्रति शेयर का GMP निवेशकों के मजबूत सेंटीमेंट को दर्शाता है। लेकिन इससे यह तय नहीं होता कि निवेशकों को लिस्टिंग के दिन 160 रुपये प्रति शेयर का फायदा ही होगा।
अगर आने वाले दिनों में कंपनी आधिकारिक प्राइस बैंड घोषित करती है और GMP इसी स्तर पर बना रहता है, तब संभावित लिस्टिंग गेन का बेहतर अंदाजा लगाया जा सकेगा।
कुल मिलाकर जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए साल के सबसे बड़े घटनाक्रमों में से एक बनता दिखाई दे रहा है। IPO खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में करीब 160 रुपये का प्रीमियम इस इश्यू को लेकर मजबूत उत्साह दिखा रहा है। अब निवेशकों की नजर IPO के प्राइस बैंड, लॉट साइज और अंतिम इश्यू साइज पर टिकी है।
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