छत्तीसगढ़

कोल लेवी केस की चार्जशीट में कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख का जिक्र

Shantanu Roy
6 Oct 2026 7:11 PM IST
कोल लेवी केस की चार्जशीट में कुमार विश्वास के कार्यक्रम के लिए 25 लाख का जिक्र
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की नई पूरक चार्जशीट से एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी ने विशेष न्यायालय में पेश करीब 9,500 पन्नों की छठी पूरक चार्जशीट में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव समेत 12 लोगों को आरोपी बनाया है। इसी चार्जशीट की समरी में कवि डॉ. कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था से संबंधित कथित व्हाट्सएप बातचीत का भी उल्लेख है। हालांकि चार्जशीट में किसी व्यक्ति का नाम या कार्यक्रम का उल्लेख होना अपने आप में उसके खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं करता और मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के बाद होगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चार्जशीट की समरी के पेज नंबर 66 में 5 अप्रैल 2022 को देवेंद्र यादव और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई कथित व्हाट्सएप बातचीत का उल्लेख किया गया है। EOW का दावा है कि इस बातचीत में रामनवमी के अवसर पर डॉ. कुमार विश्वास का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था की बात सामने आई। जांच एजेंसी ने संबंधित चैट और अन्य दस्तावेजों को अभियोग पत्र के साथ संलग्न किया है। चार्जशीट में देवेंद्र यादव से जुड़े कई कथित लेनदेन का भी उल्लेख है। EOW के अनुसार, जब्त डायरी BS-01 में उनके नाम से 11 प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें करीब 3 करोड़ रुपये का उल्लेख है। जांच एजेंसी ने इन प्रविष्टियों का कथित व्हाट्सएप चैट, रकम पहुंचाने वाले लोगों के बयान और अन्य दस्तावेजों से मिलान करने का दावा किया है।
जांच में यह भी कहा गया है कि 9 अप्रैल 2022 को देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच खैरागढ़ पहुंचने को लेकर बातचीत हुई थी। उसी तारीख को जब्त डायरी में देवेंद्र यादव के नाम के सामने 35 लाख रुपये की प्रविष्टि मिलने का दावा किया गया है। EOW ने कथित भुगतान की तारीखों और उस समय खैरागढ़ उपचुनाव से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों का भी परीक्षण किया है। चार्जशीट में यह दावा भी किया गया है कि नवाज नामक व्यक्ति के माध्यम से देवेंद्र यादव के लिए रकम पहुंचाई जाती थी। 30 मार्च 2022 की 10 लाख रुपये की एक डायरी प्रविष्टि के संबंध में भी जांच एजेंसी ने कथित रकम पहुंचाने का जिक्र किया है। इन दावों को समर्थन देने के लिए संबंधित व्यक्तियों के बयान अभियोग पत्र के साथ लगाए गए हैं।
कोल लेवी मामले में EOW ने 5 अक्टूबर 2026 को विशेष भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय में करीब 9,500 पन्नों का छठा पूरक अभियोग पत्र पेश किया। इसमें देवेंद्र सिंह यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, पूर्व खनिज संचालक जयप्रकाश मौर्य समेत कुल 12 आरोपियों के नाम शामिल हैं। एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जबरन वसूली, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी धाराओं का उल्लेख किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से कथित तौर पर प्रति टन अवैध लेवी वसूली जाती थी। EOW के अनुसार, कारोबारी सूर्यकांत तिवारी इस कथित नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा था और कोयला कारोबारियों व ट्रांसपोर्टरों से वसूली की व्यवस्था संचालित की जाती थी। चार्जशीट में जब्त डायरी, व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और गवाहों के बयान को जांच का आधार बताया गया है।
मामले की जांच में कथित अवैध रकम के इस्तेमाल को लेकर भी कई दावे किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, कुछ रकम प्रॉपर्टी, राजनीतिक गतिविधियों और अन्य खर्चों में लगाई गई। अलग-अलग आरोपियों के नाम से डायरी प्रविष्टियों और वित्तीय दस्तावेजों का परीक्षण किया गया है। कई आरोपियों ने इन आरोपों का राजनीतिक और कानूनी स्तर पर विरोध भी किया है, जबकि जांच एजेंसियां अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज अदालत में पेश कर रही हैं। इस मामले में पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और अन्य नेताओं से जुड़े कथित भुगतान का भी चार्जशीट में उल्लेख है। EOW का दावा है कि विभिन्न व्यक्तियों तक रकम पहुंचाने के लिए सहयोगियों और कर्मचारियों का उपयोग किया जाता था। वहीं, सूर्यकांत तिवारी और अलग-अलग राजनीतिक व प्रशासनिक लोगों के बीच कथित संपर्क और संवाद को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
कोल लेवी मामले में पहले प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच की थी। बाद में EOW-ACB ने अलग से केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। ताजा चार्जशीट में एजेंसी ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के कथित अवैध वसूली नेटवर्क का जिक्र किया है, जबकि अलग-अलग रिपोर्टों में इस मामले की कुल रकम को लेकर 500 से 570 करोड़ रुपये तक के आंकड़े सामने आए हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि ऑनलाइन कोल ट्रांसपोर्ट परमिट व्यवस्था में बदलाव के बाद कोयला परिवहन से कथित तौर पर प्रति टन रकम वसूली जाती थी। EOW की ताजा चार्जशीट में कोल लेवी के अलावा आयरन ओर पैलेट परिवहन पर भी कथित अवैध वसूली का उल्लेख किया गया है।
डॉ. कुमार विश्वास के नाम का संदर्भ फिलहाल एक कार्यक्रम के लिए 25 लाख रुपये की व्यवस्था से संबंधित कथित बातचीत तक सीमित है। उपलब्ध रिपोर्टों में उन्हें इस चार्जशीट के 12 आरोपियों में शामिल नहीं बताया गया है। इसलिए इस उल्लेख को किसी आपराधिक संलिप्तता के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। फिलहाल कोल लेवी मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी है। EOW द्वारा पेश दस्तावेजों, गवाहों के बयानों, डायरी प्रविष्टियों और डिजिटल साक्ष्यों की वैधानिक जांच अदालत में होगी। आरोपों की अंतिम सत्यता और आरोपियों की जवाबदेही का निर्धारण न्यायालय ही करेगा।
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