
Business बिजनेस: एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा तनाव, कमजोर मानसून और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के कारण मार्च 2027 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.6 प्रतिशत रह जाएगी।
एसएंडपी ने अपने अनुमान में बताया कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के चलते इसमें गिरावट की संभावना है। एजेंसी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर धीमी मांग और घरेलू स्तर पर मौसम संबंधी चुनौतियां आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकती हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.6 प्रतिशत विकास अनुमान के अनुरूप है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियों पर सभी प्रमुख संस्थानों की लगभग समान राय है।
एसएंडपी ने विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में दबाव, सामान्य से कमजोर मानसून और वैश्विक अर्थव्यवस्था की धीमी गति को प्रमुख कारण बताया है। इन कारकों का सीधा असर उद्योग, कृषि और उपभोक्ता मांग पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में अल नीनो के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है, जिसके कारण देश में मानसूनी बारिश कमजोर बनी हुई है। 22 जून तक वर्षा में लगभग 43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर मानसून का असर न केवल कृषि उत्पादन पर पड़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उपभोग मांग पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
एसएंडपी के अनुसार, यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो इसका असर आने वाले महीनों में औद्योगिक उत्पादन और निवेश गतिविधियों पर भी दिखाई दे सकता है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है और सुधारात्मक नीतियों के चलते अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने की क्षमता मौजूद है।
सरकार और नीति निर्माताओं के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू स्तर पर कृषि क्षेत्र मौसम पर निर्भर है।
फिलहाल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति और वैश्विक मांग की दिशा भारत की आर्थिक वृद्धि को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





