व्यापार

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें ताजा भाव

Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 7:51 PM IST
सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें ताजा भाव
x
Gold Silver Price : अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सर्राफा बाजार में कीमतों में गिरावट की खबर आपके लिए अहम हो सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। कीमती धातुओं के दाम में कमी आने से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो शादी-ब्याह, त्योहारों या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि, खरीदारी का फैसला लेने से पहले कीमतों में आई गिरावट, बाजार के रुझान और स्थानीय दुकानों पर मिलने वाले भाव की जानकारी लेना जरूरी है। सोने-चांदी की कीमतों में रोजाना बदलाव हो सकता है। इसके अलावा, दिल्ली के सर्राफा बाजार के भाव और आपके शहर में आभूषण खरीदने की कीमत में अंतर भी हो सकता है।
सोने-चांदी के दाम गिरने से खरीदारों को राहत
सोना और चांदी भारतीय परिवारों के लिए केवल आभूषण ही नहीं, बल्कि बचत और निवेश का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शादी के सीजन में सोने के गहनों की मांग बढ़ जाती है, जबकि त्योहारों पर भी लोग सोना-चांदी खरीदना शुभ मानते हैं। ऐसे में कीमतों में गिरावट आने पर खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।
सोने के भाव में कमी आने से गहने खरीदने वालों के बजट पर दबाव कुछ कम हो सकता है। वहीं, चांदी की कीमत घटने से पायल, बिछिया, बर्तन और अन्य चांदी के उत्पाद खरीदने वालों को भी फायदा मिल सकता है।
हालांकि, वास्तविक बचत इस बात पर निर्भर करेगी कि कीमतों में कितनी गिरावट आई है, कितनी मात्रा में धातु खरीदी जा रही है और आभूषणों पर कितना मेकिंग चार्ज लगाया जा रहा है।
सोने की कीमतों में बदलाव क्यों होता है?
सोने की कीमतें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव, अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों की स्थिति और निवेशकों की मांग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जब वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो कई निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। इससे इसकी मांग और कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके विपरीत, निवेशकों की मांग घटने या बाजार में मुनाफावसूली बढ़ने पर सोने के भाव नीचे आ सकते हैं।
इसके अलावा, भारत में सोने का आयात, रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर तथा आयात शुल्क जैसे कारक भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसलिए केवल एक कारण के आधार पर सोने की कीमतों में गिरावट या तेजी को समझना सही नहीं होगा।
चांदी के भाव पर भी रहती है बाजार की नजर
चांदी की कीमतों में बदलाव का असर आभूषण खरीदारों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ता है। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों और घरेलू उत्पादों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरणों तथा कई औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।
इसी वजह से चांदी की कीमतें निवेशकों की मांग के साथ औद्योगिक मांग से भी प्रभावित होती हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और बाजार में खरीद-बिक्री के आधार पर इसके भाव में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
अगर चांदी के दाम में गिरावट आती है, तो इसे खरीदने की योजना बना रहे लोगों को कम कीमत पर खरीदारी का अवसर मिल सकता है। फिर भी, यह जरूरी नहीं कि कीमतों में गिरावट के बाद तुरंत तेजी आए या भाव लगातार नीचे ही जाते रहें।
सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोने की कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. ताजा भाव जरूर जांचें: खरीदारी से पहले अपने शहर के सर्राफा बाजार या भरोसेमंद ज्वेलर से उसी दिन का भाव पूछें। 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है।
2. हॉलमार्क की जांच करें: सोने के आभूषण खरीदते समय उनकी शुद्धता और लागू हॉलमार्किंग संबंधी जानकारी जरूर देखें। बिल पर आभूषण का वजन, शुद्धता और कीमत स्पष्ट होनी चाहिए।
3. मेकिंग चार्ज समझें: आभूषण की अंतिम कीमत में सोने के मूल्य के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू कर शामिल हो सकते हैं। इसलिए केवल सोने के प्रति 10 ग्राम भाव को देखकर कुल खर्च का अनुमान न लगाएं।
4. अलग-अलग दुकानों के भाव की तुलना करें: खरीदारी से पहले दो-तीन विश्वसनीय ज्वेलर्स से कीमत और मेकिंग चार्ज की जानकारी लेना उपयोगी हो सकता है।
5. बिल जरूर लें: खरीदारी के समय पक्का बिल लेना भविष्य में आभूषण बेचने, बदलने या किसी विवाद की स्थिति में मददगार हो सकता है।
क्या कीमतें और नीचे जा सकती हैं?
सोने और चांदी की कीमतें भविष्य में किस दिशा में जाएंगी, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों, निवेशकों की मांग और रुपये की विनिमय दर में बदलाव का असर आगे भी कीमतों पर पड़ सकता है।
जो लोग शादी या किसी जरूरी अवसर के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, वे अपने बजट के अनुसार खरीदारी की योजना बना सकते हैं। वहीं, केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को कीमतों के उतार-चढ़ाव और जोखिम को समझना चाहिए। किसी एक दिन की गिरावट को लगातार सस्ता होने का संकेत मानना उचित नहीं है।
खरीदारी से पहले अपने शहर का भाव जरूर जानें
दिल्ली के सर्राफा बाजार में दर्ज कीमतों और दूसरे शहरों के खुदरा भाव में अंतर हो सकता है। स्थानीय मांग, परिवहन लागत, ज्वेलर के शुल्क और अन्य खर्चों के कारण अंतिम कीमत बदल सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार के भाव की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
Next Story