
Sports स्पोर्ट्स: गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। शुरुआती ट्रेड में दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 160.24 अंक गिरकर 77,798.28 के स्तर पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 30.25 अंक टूटकर 24,300.70 पर पहुंच गया। हालांकि बाद में दोनों इंडेक्स सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होते हुए ट्रेड करते रहे, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा और सन फार्मा शुरुआती गिरावट में प्रमुख रूप से दबाव में रहीं। दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, ICICI बैंक और मारुति सुजुकी जैसे शेयरों में बढ़त देखी गई।
वैश्विक बाजार में भी हलचल जारी रही। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.77 प्रतिशत बढ़कर 102 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया में जारी राजनीतिक तनाव के कारण देखा जा रहा है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बाजार फिलहाल उम्मीद और डर के बीच झूल रहा है और जब तक इस संकट का कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक यह स्थिति बनी रह सकती है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजार बुधवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे वैश्विक संकेत कुछ हद तक सकारात्मक बने रहे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि घरेलू स्तर पर ऊर्जा कीमतों में नरमी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण मैक्रोइकोनॉमिक दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि निवेशक अभी सतर्क हैं और ईरान की प्रतिक्रिया तथा तेल की कीमतों में संभावित बदलाव पर नजर बनाए हुए हैं।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 5,834.90 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
कुल मिलाकर, घरेलू और वैश्विक कारकों के मिश्रित प्रभाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशक फिलहाल सावधानी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।





