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बैंकिंग सेक्टर में SBI का जलवा, शानदार नतीजों के बाद शेयरों में जोरदार उछाल

Ratna Netam
7 Aug 2026 3:42 PM IST
बैंकिंग सेक्टर में SBI का जलवा, शानदार नतीजों के बाद शेयरों में जोरदार उछाल
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नई दिल्ली : देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। बैंक का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) सालाना आधार पर करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 21,121 करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 19,160 करोड़ रुपये था। उम्मीद से बेहतर रहे इन नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और एसबीआई के शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली।
शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में एसबीआई का शेयर 1,081.95 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते शेयर 3.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,124.40 रुपये के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। बैंक के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और मजबूत भविष्य की संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है।
बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सालाना आधार पर लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये हो गई। नेट इंटरेस्ट इनकम किसी भी बैंक की मुख्य आय मानी जाती है और इसमें वृद्धि बैंक के मजबूत परिचालन प्रदर्शन का संकेत देती है।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी एसबीआई का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। बैंक का ग्रॉस एनपीए (सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) घटकर 1.47 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 1.49 प्रतिशत था। वहीं नेट एनपीए भी मामूली सुधार के साथ 0.38 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 0.39 प्रतिशत था। इससे स्पष्ट है कि बैंक लगातार खराब ऋणों पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहा है।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी बढ़कर 2.86 प्रतिशत हो गया, जो पिछले क्वार्टर में 2.81 प्रतिशत था। बैंकिंग क्षेत्र में एनआईएम को लाभप्रदता का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। इसमें सुधार से बैंक की कमाई की गुणवत्ता मजबूत होने का संकेत मिलता है।
ऋण वितरण के मामले में भी एसबीआई ने शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक का कुल एडवांस सालाना आधार पर 18.60 प्रतिशत बढ़कर 50.47 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं ग्राहकों का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है। बैंक का कुल डिपॉजिट 9.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र में भी एसबीआई अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। बैंक ने बताया कि डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन, एटीएम सेवाओं और मोबाइल बैंकिंग के मामले में वह देश में अग्रणी बना हुआ है। बैंक के लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म 'योनो' पर रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या 10.50 करोड़ के पार पहुंच गई है, जबकि नए योनो प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने वाले ग्राहकों की संख्या 5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल बैंकिंग की ओर ग्राहकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
रिटेल लोन पोर्टफोलियो में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैंक के अनुसार होम लोन में सालाना आधार पर 12.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऑटो लोन में 7.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पर्सनल गोल्ड लोन में सबसे अधिक 97.54 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली। यह दर्शाता है कि खुदरा ऋणों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
यदि शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो एसबीआई ने निवेशकों को लंबे समय में शानदार रिटर्न दिया है। पिछले एक वर्ष में बैंक का शेयर करीब 38 प्रतिशत चढ़ा है। तीन वर्षों में इसने लगभग 95 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले पांच वर्षों में शेयर की कीमत करीब 155 प्रतिशत बढ़ चुकी है। बेहतर तिमाही नतीजों के बाद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैंक इसी तरह मजबूत प्रदर्शन जारी रखता है तो आने वाले समय में इसके शेयरों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत मुनाफा, बेहतर एसेट क्वालिटी, डिजिटल बैंकिंग में बढ़ती पकड़ और ऋण वितरण में लगातार वृद्धि एसबीआई की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। हालांकि शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लेनी चाहिए।
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