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Jio IPO से मुकेश अंबानी रच सकते हैं नया इतिहास

Rajeshwari Nishad
27 Oct 2026 4:52 PM IST
Jio IPO से मुकेश अंबानी रच सकते हैं नया इतिहास
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मुंबई। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में इतिहास रचने की तैयारी में है। कंपनी के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध होने वाले हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स ने करीब 30,213 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था, जिसे निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इस इश्यू को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। खास बात यह है कि कंपनी के आईपीओ ने निवेशकों के आवेदनों और बोलियों के मामले में कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित बाजार पूंजीकरण करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। ऐसे में लिस्टिंग के साथ कंपनी देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो सकती है।
28 अक्टूबर को शेयर बाजार में होगी जियो की लिस्टिंग
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। अब निवेशकों की नजरें बुधवार को होने वाली लिस्टिंग पर टिकी हैं।
कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ। इसके बाद 26 अक्टूबर को शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित थी।
अब 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर पहली बार शेयर बाजार में कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। अंतिम इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित हुआ है।
30,213 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में रकम जुटाने के लिहाज से सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन गया है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम था, जिसने वर्ष 2024 में लगभग 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
कंपनी के आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें ऑफर फॉर सेल का हिस्सा नहीं रखा गया था। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरधारकों ने आईपीओ के जरिए अपने शेयर नहीं बेचे, बल्कि कंपनी ने नए शेयर जारी करके रकम जुटाई है।
जियो इस रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने और अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
आईपीओ को मिली 22.19 गुना बोलियां
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों से उम्मीद से कहीं ज्यादा मांग मिली।
तीन दिन की बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल सब्सक्रिप्शन 22.19 गुना दर्ज किया गया।
निवेशकों ने लगभग 19.75 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 438.26 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया।
आईपीओ के पब्लिक हिस्से में करीब 4.90 लाख करोड़ रुपये की बोलियां दर्ज की गईं। वहीं एंकर निवेशकों की मांग सहित कुल आंकड़ा लगभग 7.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
यह भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में निवेशकों की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी
जियो के आईपीओ में सबसे ज्यादा उत्साह बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से देखने को मिला।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB श्रेणी में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 70.55 गुना बोलियां प्राप्त हुईं।
गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 14 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ।
वहीं खुदरा निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित हिस्से में 2.72 गुना आवेदन किए।
कंपनी के कर्मचारियों के लिए निर्धारित हिस्सा 2.93 गुना और रिलायंस के मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्सा 7.6 गुना सब्सक्राइब हुआ।
इससे स्पष्ट है कि संस्थागत निवेशकों के साथ खुदरा निवेशकों ने भी आईपीओ में दिलचस्पी दिखाई।
सिर्फ 100 मिनट में पूरा भर गया था आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने शुरुआती दिन ही एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया।
21 अक्टूबर को आईपीओ खुलने के लगभग 100 मिनट के भीतर ही पूरा इश्यू सब्सक्राइब हो गया था।
इतने बड़े आकार के आईपीओ का इतनी जल्दी भरना भारतीय पूंजी बाजार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
खास बात यह रही कि संस्थागत निवेशकों का हिस्सा शुरुआती कुछ मिनटों में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया।
तीन दिनों के दौरान कंपनी के आईपीओ को करीब 1.4 करोड़ आवेदन मिलने की रिपोर्ट है, जो भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में रिकॉर्ड स्तर की संख्या है।
10.3 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है बाजार पूंजीकरण
आईपीओ के अंतिम इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है।
इस मूल्यांकन के साथ कंपनी देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल होने की स्थिति में है।
हालांकि, जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बनेगी या नहीं, यह 28 अक्टूबर को बाजार खुलने के बाद उसके वास्तविक शेयर मूल्य और दूसरी कंपनियों के उस समय के बाजार पूंजीकरण पर निर्भर करेगा।
इसलिए लिस्टिंग से पहले दूसरे स्थान का दावा निश्चित रूप से करना उचित नहीं होगा।
ग्रे मार्केट में भी जियो के शेयरों की चर्चा
लिस्टिंग से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर गैर-आधिकारिक ग्रे मार्केट में भी गतिविधियां देखी जा रही हैं।
27 अक्टूबर की रिपोर्टों के अनुसार, शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 22 प्रतिशत के आसपास बताया जा रहा है।
इस संकेत के आधार पर कुछ बाजार प्रतिभागी मजबूत लिस्टिंग की उम्मीद जता रहे हैं।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम कोई आधिकारिक या भरोसेमंद मूल्य संकेतक नहीं है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होगी।
इसलिए निवेशकों को केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर निवेश संबंधी निर्णय नहीं लेना चाहिए।
कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगी आईपीओ की रकम
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा अपने वित्तीय दायित्वों को कम करने में खर्च करेगी।
कंपनी ने लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान या समय से पहले कर्ज चुकाने के लिए करने की योजना बताई है।
शेष रकम निर्धारित नियमों के अनुसार सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में इस्तेमाल की जा सकेगी।
कर्ज घटने से कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार की संभावना हो सकती है, हालांकि इसका वास्तविक असर भविष्य के वित्तीय परिणामों पर निर्भर करेगा।
50 करोड़ से ज्यादा मोबाइल ग्राहकों वाला कारोबार
जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के सबसे बड़े डिजिटल और दूरसंचार कारोबारों में शामिल है।
कंपनी से जुड़े मोबाइल ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ से अधिक बताई गई है।
टेलीकॉम सेवाओं के अलावा कंपनी ब्रॉडबैंड, डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा और गूगल जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों की भी हिस्सेदारी रही है।
कंपनी का नेतृत्व आकाश अंबानी कर रहे हैं, जबकि जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है 28 अक्टूबर?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग का महत्व केवल आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों तक सीमित नहीं है।
इसके जरिए भारतीय शेयर बाजार में एक और बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी सीधे निवेश के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
लिस्टिंग के पहले दिन निवेशकों की नजर शेयर के शुरुआती मूल्य, कारोबार की मात्रा और बाजार पूंजीकरण पर रहेगी।
आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को यह भी पता चलेगा कि उनकी निवेश राशि पर शुरुआती लाभ हुआ है या नुकसान।
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