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Iran-America तनाव के बीच बाजार की परीक्षा, कंपनियों के नतीजे देंगे दिशा

Ratna Netam
12 July 2026 4:57 PM IST
Iran-America  तनाव के बीच बाजार की परीक्षा, कंपनियों के नतीजे देंगे दिशा
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Mumbai मुंबई : मुंबई, 12 जुलाई 2026। भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। 13 जुलाई से 17 जुलाई के बीच बाजार की दिशा कई बड़े घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होगी। इस दौरान वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे, खुदरा महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर निवेशकों की नजर रहेगी।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इस सप्ताह कई प्रमुख कंपनियां अपने वित्तीय परिणाम जारी करेंगी। इनमें एचसीएल टेक, टाटा एलेक्सी, एलटीटीएस, एचडीएफसी एएमसी, एचडीएफसी लाइफ, एंजेल वन, यूनियन बैंक, फेडरल बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इसके अलावा सरकार की ओर से 13 जुलाई को खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी किए जाएंगे। महंगाई के आंकड़े बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इनके आधार पर देश में मांग, आपूर्ति और ब्याज दरों को लेकर भविष्य की दिशा का अनुमान लगाया जाता है। अगर महंगाई में नरमी आती है तो बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है, जबकि ज्यादा महंगाई निवेशकों की चिंता बढ़ा सकती है।

वैश्विक स्तर पर ईरान-अमेरिका तनाव भी भारतीय बाजार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है। ऐसे में क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिसका असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है।

बीते कारोबारी सप्ताह की बात करें तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 194 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,569 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 64 अंक यानी 0.26 प्रतिशत फिसलकर 24,207 अंक पर पहुंच गया।

हालांकि इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 846 अंक यानी 1.36 प्रतिशत बढ़कर 63,036 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 241 अंक यानी 1.26 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 19,416 अंक पर पहुंच गया।

सेक्टर के प्रदर्शन की बात करें तो बीते सप्ताह निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा 5.37 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 3.74 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 2.08 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.72 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.52 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।

वहीं कुछ सेक्टर दबाव में रहे। निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 1.85 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 1.57 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई में 1.01 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर नजर रखते हुए सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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