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नए आदेश के बाद डीजल खरीद पर रोक और सीमा से बाजार में हलचल

Ratna Netam
13 Jun 2026 3:19 PM IST
नए आदेश के बाद डीजल खरीद पर रोक और सीमा से बाजार में हलचल
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सरकार की तरफ से नया आदेश जारी कर दिया

Business बिजनेस : सरकार की तरफ से तेल खरीद और वितरण को लेकर नया आदेश जारी किया गया है, जिसके बाद ईंधन बाजार में कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। नए नियमों के अनुसार अब थोक में तेल खरीदने वाले ग्राहक रिटेल पेट्रोल पंप से सीधे तेल नहीं खरीद पाएंगे। इसके साथ ही एक वाहन के लिए प्रतिदिन डीजल खरीद की सीमा भी तय कर दी गई है, जिसके तहत अब एक गाड़ी अधिकतम 200 लीटर डीजल ही एक दिन में खरीद सकेगी।

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य तेल वितरण व्यवस्था को नियंत्रित करना और आपूर्ति प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों को हो रहे संभावित नुकसान और अनियमित खपत को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे बाजार में ईंधन के उपयोग को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के लागू होने के बाद थोक खरीदारों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों में कुछ चिंता देखी जा रही है, क्योंकि अब उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से नए नियमों के तहत ही ईंधन खरीदना होगा। कई व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक और परिवहन लागत पर असर पड़ सकता है, हालांकि सरकार का दावा है कि लंबे समय में यह व्यवस्था स्थिरता लाएगी।

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला है। ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की खबरों के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल मार्केट में नरमी आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत घटकर लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।

जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले तक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर चुकी थीं, जिससे वैश्विक बाजार में काफी दबाव देखा गया था। लेकिन अब भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने और समझौते की संभावनाओं के चलते कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार और ईंधन नीति पर पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णय बाजार को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हालांकि नए नियमों को लेकर अभी पूरी तरह स्पष्टता आने में समय लग सकता है, लेकिन शुरुआती स्तर पर इनका असर तेल की खरीद व्यवस्था और वितरण नेटवर्क पर देखा जा रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को नई गाइडलाइन के अनुसार अपनी व्यवस्था को अपडेट करना होगा।

कुल मिलाकर, तेल खरीद पर लगे नए प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने ऊर्जा क्षेत्र में एक नया परिदृश्य तैयार कर दिया है, जिसका असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

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