व्यापार

सोना-चांदी में भारी तेजी, गोल्ड 1.56 लाख के पार

Ratna Netam
13 Jun 2026 3:13 PM IST
सोना-चांदी में भारी तेजी, गोल्ड 1.56 लाख के पार
x

Business बिजनेस : शनिवार और रविवार को भारत में सोने और चांदी की नई कीमतें जारी नहीं की गईं। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की ओर से सप्ताहांत पर रेट अपडेट न होने के कारण बाजार में शुक्रवार के भाव ही संदर्भ के रूप में देखे जा रहे हैं। शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ग्राहकों के बीच हलचल बढ़ गई है।

ताजा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सोने की कीमत में करीब 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी देखी गई। इसके साथ ही सोना 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक के उच्च स्तरों में से एक माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी देखने को मिली। चांदी 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है। खासकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी आने की खबरों के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। इसी अनिश्चितता के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ी है और कीमतों में तेजी आई है।

आमतौर पर जब वैश्विक बाजार में तनाव या अनिश्चितता होती है, तो निवेशक शेयर बाजार की तुलना में सोने-चांदी को अधिक सुरक्षित विकल्प मानते हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से सप्ताहांत में रेट जारी नहीं किए जाने के कारण बाजार में शुक्रवार के दामों को ही आधार माना जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि सप्ताहांत के दौरान वैश्विक संकेतों के आधार पर सोमवार को बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

स्थानीय सर्राफा बाजारों में भी सोने की कीमतों में आई तेजी का असर देखा जा रहा है। आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों के बीच कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई लोग शादी और त्योहारों की खरीदारी को लेकर अभी इंतजार करने की रणनीति अपना रहे हैं, जबकि निवेशक इस तेजी को बाजार की अनिश्चितता से जोड़कर देख रहे हैं।

विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव में और कमी आती है, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में कुछ स्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए निकट भविष्य में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कुल मिलाकर, शुक्रवार को आई तेज बढ़त और सप्ताहांत में कीमतों का स्थिर न होना यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का बाजार काफी संवेदनशील रहने वाला है और निवेशकों को सतर्क रहकर निर्णय लेने की जरूरत होगी।

Next Story