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सोने की कीमत में बड़ा उछाल जानिए कब तक जारी रह सकती है तेजी

Ratna Netam
24 Aug 2026 7:05 PM IST
सोने की कीमत में बड़ा उछाल जानिए कब तक जारी रह सकती है तेजी
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नई दिल्ली। सोने की कीमतों में लगातार तेजी का दौर जारी है। भारतीय बाजार में सोने का भाव अब 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। महंगे सोने ने एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है, जिससे आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक सभी की नजरें बुलियन मार्केट पर टिक गई हैं। सोमवार को वायदा बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई और अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
सोने की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। कमजोर अमेरिकी डॉलर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुझान और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारणों से सोने को मजबूती मिल रही है।
सोना क्यों हो रहा लगातार महंगा?
सोने को हमेशा से संकट के समय सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है। जब भी दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले विकल्पों से पैसा निकालकर सोने में निवेश करना शुरू कर देते हैं। यही कारण है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सोने की मांग बढ़ी है।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी भी सोने की कीमतों को बढ़ाने वाला बड़ा कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होता है। जब डॉलर कमजोर होता है तो अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है और इसकी मांग बढ़ जाती है।
इसके अलावा अमेरिका की आर्थिक नीतियों और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित किया है। बाजार में भविष्य की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ने पर लोग सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
वैश्विक तनाव का भी असर
दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर भी सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। ऐसे माहौल में निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित रखने के लिए सोने की खरीदारी बढ़ा देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक सोने की कीमतों को समर्थन मिलता रह सकता है। निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की मांग सोने को ऊंचे स्तर पर बनाए हुए है।
केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे सोने का भंडार
दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग मजबूत हुई है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी को सोने की कीमतों में तेजी का एक प्रमुख कारण माना जाता है।
जब बड़े संस्थान सोने की खरीदारी बढ़ाते हैं तो बाजार में इसकी मांग बढ़ती है और कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ता है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से सोने में मजबूत तेजी देखने को मिल रही है।
आम ग्राहकों पर असर
सोने की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर शादी-विवाह और त्योहारों के लिए आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। महंगा सोना होने के कारण कई लोग अपनी खरीदारी टाल रहे हैं या कम वजन के आभूषण खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं।
ज्वेलर्स का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद सोने की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। भारत में सोने को सिर्फ आभूषण ही नहीं बल्कि निवेश और पारिवारिक संपत्ति के रूप में भी देखा जाता है।
क्या आगे भी बढ़ेगा सोने का भाव?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतें कई वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेंगी। अगर डॉलर कमजोर रहता है, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है और वैश्विक तनाव जारी रहता है तो सोने में तेजी जारी रह सकती है।
हालांकि, कीमतों में तेज उछाल के बाद कभी-कभी मुनाफावसूली भी देखने को मिलती है, जिससे थोड़ी गिरावट आ सकती है। इसलिए निवेशकों को बाजार की स्थिति को समझकर ही फैसला लेने की सलाह दी जाती है।
निवेशकों के लिए सोना बना पसंदीदा विकल्प
पिछले कुछ वर्षों में सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोना एक संतुलित निवेश विकल्प के रूप में उभरा है। कई लोग फिजिकल गोल्ड के अलावा गोल्ड ETF और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी निवेश कर रहे हैं।
सोने की कीमतों में लगातार तेजी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि अनिश्चित समय में यह धातु निवेशकों का भरोसेमंद साथी बनी रहती है।
फिलहाल सोना 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुका है और बाजार की नजर अब आगे की चाल पर है। आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, डॉलर की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तय करेंगे कि सोने की कीमतों की रफ्तार आगे कैसी रहती है।
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