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ईरान से तेल व्यापार पर बड़ा एक्शन, किन भारतीयों के नाम आए सामने?

nidhi
9 Oct 2026 11:49 AM IST
ईरान से तेल व्यापार पर बड़ा एक्शन, किन भारतीयों के नाम आए सामने?
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अमेरिका ने भारतीय कंपनियों पर की कार्रवाई
वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के साथ कथित पेट्रोलियम व्यापार को लेकर भारत की दो कंपनियों और पांच भारतीय नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी सरकार ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित दो कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। इन कंपनियों से जुड़े पांच भारतीय नागरिकों को भी प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है। यह कार्रवाई ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे अमेरिकी अभियान 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का हिस्सा है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मुंबई की एसएसपीएल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में सहायता करने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस तरह के व्यापार से ईरान को आर्थिक लाभ पहुंचता है।
प्रतिबंधों के दायरे में एसएसपीएल सॉल्यूशंस से जुड़े ध्वनि वोरा और निसर्ग वोरा को शामिल किया गया है। वहीं, समुद्र मरीन सर्विसेज से जुड़े केतन कोचिकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम हरिहरन चुंडाकट्टिल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इन सभी के नाम अमेरिकी प्रतिबंध सूची में दर्ज किए गए हैं। अमेरिकी सरकार ने कहा है कि ईरानी मूल के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के कारोबार में शामिल खरीदारों तथा विक्रेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। विदेश विभाग की कार्रवाई के तहत कुल 10 संस्थाओं, छह व्यक्तियों और पांच जहाजों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इसके अलावा अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़े 17 अन्य संस्थाओं और जहाजों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ईरान तेल निर्यात से मिलने वाली आय का इस्तेमाल अपनी सैन्य गतिविधियों और अन्य कार्यक्रमों के लिए करता है। इस कार्रवाई के बीच अमेरिका ने समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को मौजूदा कारोबारी लेन-देन समाप्त करने के लिए 23 अक्टूबर 2026 तक सीमित छूट दी है। इस अवधि में निर्धारित शर्तों के अनुसार पहले से चल रहे कारोबार को समाप्त किया जा सकेगा। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इसके लिए विशेष लाइसेंस जारी किया है। अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली संपत्तियों को अवरुद्ध किया जा सकता है। साथ ही अमेरिकी व्यक्तियों और कंपनियों के लिए प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ अधिकांश प्रकार के लेन-देन पर रोक लागू होती है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि उनका विभाग ईरान की तेल बिक्री से होने वाली आय को रोकने के लिए कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने प्रतिबंधों से बचकर व्यापार करने में सहायता करने वालों के खिलाफ भी कदम उठाने की बात कही है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ईरान के तेल निर्यात और उससे जुड़े समुद्री परिवहन नेटवर्क पर प्रतिबंधों को और कड़ा कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन विशेष रूप से उन जहाजों और कारोबारी नेटवर्क पर ध्यान दे रहा है, जिन पर प्रतिबंधों से बचते हुए ईरानी तेल का परिवहन करने का आरोप है।
हालांकि, मुंबई की दोनों कंपनियों और पांच भारतीयों के खिलाफ लगाए गए आरोप अमेरिकी प्रशासन के हैं। प्रतिबंध लगाए जाने को अपने आप में किसी आपराधिक अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बराबर नहीं माना जा सकता। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय कारोबारी लेन-देन पर असर पड़ सकता है। आगे की स्थिति अमेरिकी प्रतिबंधों, उपलब्ध कानूनी प्रक्रियाओं और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
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