
नई दिल्ली।भारतीय शेयर बाजार में हर छोटे-बड़े निवेशक की यही चाहत होती है कि वह किसी ऐसे सही स्टॉक की पहचान कर सके, जो समय के साथ उसकी छोटी सी पूंजी को बड़ी दौलत में तब्दील कर दे। हालांकि, दलाल स्ट्रीट पर ऐसे शेयरों की संख्या बेहद सीमित होती है जो निवेशकों की उम्मीदों से परे जाकर कई हजार फीसदी का छप्परफाड़ रिटर्न दे सकें और उन्हें रातोंरात करोड़पति या लखपति की श्रेणी में खड़ा कर दें। लेकिन पिछले पांच साल के सफर को देखा जाए, तो भारतीय शेयर बाजार में कुछ ऐसी चमत्कारी कंपनियां उभरकर सामने आई हैं, जिन्होंने अपने असाधारण प्रदर्शन से बड़े-बड़े दिग्गज बाजार विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है। इन कंपनियों ने न केवल बाजार में अपने शेयरों की कीमत में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया, बल्कि अपने आंतरिक कारोबार को भी लगातार मजबूत और व्यावहारिक बनाकर एक नया मुकाम हासिल किया है।
इन चुनिंदा कंपनियों की सफलता के पीछे केवल बाजार की तेजी या कोई सट्टा नहीं था, बल्कि इसके पीछे ठोस और मजबूत कारण मौजूद रहे हैं। इन मल्टीबैगर कंपनियों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान अपने मुख्य कारोबार में जबरदस्त सुधार किया, बड़ी घरेलू व वैश्विक कंपनियों से मजबूत ऑर्डर बुक हासिल की, हर तिमाही में बेहतर कमाई (Earnings Growth) दर्ज की और प्रबंधन की सही व दूरदर्शी रणनीतियों के दम पर निवेशकों का भरोसा जीता। यही वजह है कि जिन निवेशकों ने आज से ठीक 5 साल पहले इन पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) की क्षमता को पहचानकर इनमें मात्र 1 लाख रुपये का एक छोटा सा निवेश किया होगा, उनकी वह रकम आज के समय में बढ़कर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी है। विशेष रूप से चर्चा में आए चार मल्टीबैगर शेयरों ने इस अवधि के दौरान निवेशकों की पूरी किस्मत बदलकर रख दी है।
इस सूची में शामिल एक प्रमुख उदाहरण की बात करें, तो कुछ साल पहले तक कौड़ियों के भाव पर मिलने वाले इन शेयरों ने बाजार के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उदाहरण के तौर पर, इन 4 मल्टीबैगर शेयरों में शामिल एक स्टॉक ऐसा भी रहा है जिसने बीते 5 साल में 8700% (सतासी सौ फीसदी) से भी अधिक का बंपर रिटर्न देकर बाजार में सनसनी फैला दी। यह शेयर 5 वर्ष पहले महज ₹2.45 के बेहद निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो लगातार अपर सर्किट छूते हुए और मजबूत फंडामेंटल्स के दम पर आज ₹212 से लेकर ₹218 के पार पहुंच चुका है। इसका सीधा गणित यह है कि 5 साल पहले निवेश किया गया ₹1 लाख आज के समय में लगभग ₹87 लाख के एक बड़े फंड में तब्दील हो चुका है। ऐसे मल्टीबैगर स्टॉक की इस अविश्वसनीय विकास यात्रा ने खुदरा निवेशकों के बीच पेनी स्टॉक्स को लेकर एक नया आकर्षण पैदा कर दिया है।
इतनी भारी और ऐतिहासिक तेजी के बाद अब बाजार में यह सवाल भी तेजी से उठने लगा है कि क्या इन शेयरों में मौजूदा ऊंचे स्तरों पर भी आम निवेशकों के लिए दांव लगाने का मौका बचा है, या फिर यह ट्रेन पूरी तरह छूट चुकी है? इस पर मार्केट एक्सपर्ट्स और वित्तीय सलाहकारों की राय बेहद संतुलित है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी की अर्निंग ट्रेजेक्ट्री और भविष्य की योजनाएं बेशक काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं, लेकिन किसी भी शेयर में जब इतनी तीव्र गति से रैली आती है, तो उसकी वैल्यूएशन (Valuation) काफी महंगी हो जाती है। ऐसी स्थिति में शेयरों में आगे चलकर मुनाफावसूली (Profit Booking) या एक बड़ा तकनीकी सुधार (Correction) आने का जोखिम हमेशा बना रहता है। इसलिए नए निवेशकों के लिए सीधे ऊंचे स्तर पर एकमुश्त भारी पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
बाजार के जानकारों के अनुसार, ऐसे मल्टीबैगर शेयरों में निवेश करने की इच्छा रखने वाले नए और खुदरा निवेशकों को बेहद सतर्कता बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को इन कंपनियों में आंख मूंदकर पैसा लगाने के बजाय उनके वित्तीय परिणामों, कर्ज की स्थिति और भविष्य के विस्तार की योजनाओं का गहन अध्ययन करना चाहिए। सबसे सुरक्षित रणनीति यह मानी जाती है कि बाजार में आने वाली किसी भी बड़ी गिरावट (Dip) का इंतजार किया जाए और जब शेयर सही मूल्यांकन पर उपलब्ध हों, तभी धीरे-धीरे करके एंट्री ली जाए। बहरहाल, पिछले पांच वर्षों में इन कंपनियों द्वारा तैयार की गई वेल्थ ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही समय पर अच्छे फंडामेंटल वाले छोटे शेयरों को चुनकर धैर्य के साथ होल्ड किया जाए, तो शेयर बाजार से बड़ी संपत्ति बनाना नामुमकिन नहीं है।





