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JM फाइनेंशियल: इंफोसिस को AI से मीडियम-लॉन्ग टर्म में नेट पॉजिटिव लाभ की उम्मीद

Kavita2
11 Jun 2026 11:40 AM IST
JM फाइनेंशियल: इंफोसिस को AI से मीडियम-लॉन्ग टर्म में नेट पॉजिटिव लाभ की उम्मीद
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Business बिजनेस: JM फाइनेंशियल ने हाल ही में कहा है कि IT सर्विस कंपनी इंफोसिस को मीडियम से लॉन्ग टर्म में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से नेट पॉजिटिव फ़ायदा होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने हाल ही में कंपनी के बिज़नेस आउटलुक और वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) के लिए अनुमानित रेवेन्यू गाइडेंस (1.5–3.5%) को लेकर कंपनी से मुलाकात की।

फाइनेंशियल रिपोर्ट और मुलाकात के दौरान JM फाइनेंशियल ने यह भी कहा कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में पिछले कुछ वर्षों की पहली तिमाही जैसी मज़बूती देखने की संभावना कम है। इसका मुख्य कारण वॉल्यूम में धीमी वृद्धि और Q4FY26 का मजबूत बेस है। हालांकि, साल की पहली छमाही (H1) और दूसरी छमाही (H2) के बीच सीज़नैलिटी का असर देखने को मिलेगा। इसके बावजूद इंफोसिस H2 के मुकाबले H1 में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

कंपनी ने यह भी बताया कि FY27E रेवेन्यू पर एक बड़े यूरोपियन मैन्युफैक्चरिंग क्लाइंट की वजह से 75–100 बेसिस पॉइंट्स (bps) का असर पड़ेगा। इसके अलावा ऑनसाइट कर्मचारियों में कमी की वजह से भी 75–100bps का असर गाइडेंस में शामिल है। JM फाइनेंशियल ने कहा कि FY27E मार्जिन गाइडेंस 20–22% पर बरकरार है।

JM फाइनेंशियल ने यह भी उल्लेख किया कि Stratus, Optimum और Versent के अधिग्रहण के बाद पूरे साल के आधार पर मार्जिन पर 70bps का असर पड़ेगा। हालांकि, Versent का अधिग्रहण अभी पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ है और कंपनी ने वेतन वृद्धि के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।

इन अधिग्रहणों और AI से जुड़ी रणनीतियों के कारण JM फाइनेंशियल ने इंफोसिस के मीडियम-लॉन्ग टर्म आउटलुक को पॉज़िटिव बताया है। कंपनी की स्थिति इस समय स्थिर है और उसके पास FY27 में रेवेन्यू और मार्जिन दोनों को बनाए रखने की क्षमता मौजूद है।

विश्लेषकों के अनुसार, AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स इंफोसिस के लिए नई अवसर उत्पन्न करेंगे और मीडियम-लॉन्ग टर्म में यह कंपनी के राजस्व और प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ावा दे सकते हैं। JM फाइनेंशियल ने निवेशकों को यह भी संकेत दिया कि कंपनी के FY27 के लिए गाइडेंस रेंज और मार्जिन प्रोजेक्शन स्थिर हैं, हालांकि छोटे-मध्यम बदलाव संभव हैं।

इस मुलाकात और विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि इंफोसिस अपनी वैश्विक ग्राहक बेस, अधिग्रहण रणनीति और AI पहल के ज़रिए लंबे समय में सकारात्मक परिणाम देखने की स्थिति में है। निवेशक और मार्केट विशेषज्ञ इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि कंपनी अपनी H1 और H2 के प्रदर्शन के अंतर को कैसे मैनेज करेगी और AI-संबंधित अवसरों का लाभ कैसे उठाएगी।

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