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Gemini सर्विस में बाधा से यूज़र्स परेशान, Google ने जांच शुरू की
New Delhi: बुधवार को Google के AI चैटबॉट 'जेमिनी' (Gemini) की सर्विस में रुकावट आई। यूज़र्स ने बताया कि ऐप्स और वेब इंटरफेस पर यह काम नहीं कर रहा था।
आउटेज की रिपोर्ट में तेज़ी से बढ़ोतरी
आउटेज ट्रैक करने वाले प्लेटफ़ॉर्म 'डाउनडिटेक्टर' (Downdetector) के अनुसार, दोपहर में इस सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के आउटेज की रिपोर्ट तेज़ी से बढ़कर सैकड़ों तक पहुँच गईं।
Google Gemini is still down, but reports are lower now.DownDetector shows 1,262 reports.Way below 1700 reports 2 hours ago.Still far above the baseline.1076/1099 error for the majority of users https://t.co/dMPPDemEFS pic.twitter.com/9jedZeyauZ
— Alex / AI Experiments (@byalexai) June 10, 2026
यूज़र्स ने सबसे पहले ऐप के अनुभव में समस्याएँ बताईं, और उसके बाद वेबसाइट, ऑटोमेशन और वर्कफ़्लो में भी दिक्कतें देखी गईं।
Google जेमिनी, Google सर्च, Google वर्कस्पेस, Google वन और Google क्लाउड के साथ इंटीग्रेटेड है।
यूज़र एरर और सिस्टम की समस्याएँ
यूज़र्स ने कोड 1052 और 1076 जैसे एरर की सूचना दी। साथ ही, स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन होने के बावजूद कई डिवाइस पर सिस्टम लॉक होने और कोई प्रतिक्रिया न मिलने (unresponsiveness) की समस्याएँ भी सामने आईं।
Google ने आउटेज को स्वीकार करते हुए या इसे ठीक करने के समय के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। यह भी साफ़ नहीं था कि यह रुकावट सर्वर डाउनटाइम, बैकएंड अपडेट या नेटवर्क की समस्याओं के कारण हुई थी।
रिपोर्ट्स में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी से पता चलता है कि सर्विस में रुकावट धीरे-धीरे नहीं, बल्कि अचानक आई थी। यह भी साफ़ नहीं है कि आउटेज ग्लोबल स्तर पर था या कुछ खास इलाकों तक ही सीमित था।
जेमिनी ओमनी और क्रिएटिव AI
टेक दिग्गज Google ने हाल ही में 'जेमिनी ओमनी' (Gemini Omni) पेश किया है। यह एक नया मल्टीमॉडल AI मॉडल है जो यूज़र्स को टेक्स्ट, इमेज, ऑडियो और वीडियो प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करके वीडियो बनाने और एडिट करने की सुविधा देता है। Google के अनुसार, यह नया मॉडल जेमिनी को एक पूरी तरह से क्रिएटिव AI प्लेटफ़ॉर्म बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो मीडिया के अलग-अलग रूपों को समझने और बनाने में सक्षम है।
यूज़र्स फ़ोटो, ड्रॉइंग, पहले से मौजूद वीडियो, वॉइस रेफरेंस अपलोड कर सकते हैं या बस प्रॉम्प्ट टाइप कर सकते हैं, जिन्हें AI मिलाकर एक सिंगल वीडियो बना देगा। इमेज एडिटिंग बातचीत के ज़रिए की जा सकती है, जहाँ यूज़र्स बस यह बता सकते हैं कि वे क्या बदलाव चाहते हैं।
Google के CEO सुंदर पिचाई ने हाल ही में कहा था कि अब हर महीने 85 लाख (8.5 मिलियन) से ज़्यादा डेवलपर्स इसके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल का इस्तेमाल करके एप्लिकेशन और अनुभव बना रहे हैं।
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