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लगातार दूसरे दिन चमका जियो का शेयर, निवेशकों में उत्साह

Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 6:00 PM IST
लगातार दूसरे दिन चमका जियो का शेयर, निवेशकों में उत्साह
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बिज़नेस। देश के शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत करने वाली मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयरों ने लिस्टिंग के दूसरे कारोबारी दिन भी निवेशकों का ध्यान खींचा। बुधवार को शानदार लिस्टिंग के बाद गुरुवार को भी कंपनी के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार तेजी देखने को मिली। जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर एक समय पांच प्रतिशत से ज्यादा उछल गया और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 1,489.70 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद शेयर में मुनाफावसूली और उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन के कारोबार में तेजी का बड़ा हिस्सा समाप्त हो गया और शेयर पिछले दिन के बंद भाव के आसपास कारोबार करता नजर आया।
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में एंट्री 28 अक्टूबर 2026 को हुई थी। कंपनी का शेयर 1,119 रुपये के आईपीओ इश्यू प्राइस के मुकाबले 1,358 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। इस तरह निवेशकों को लिस्टिंग के समय ही लगभग 21.36 प्रतिशत का प्रीमियम मिला। इसके बाद दिनभर शेयर में खरीदारी जारी रही और पहले कारोबारी सत्र के अंत तक यह अपने इश्यू प्राइस से करीब 27 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया। शानदार शुरुआत के कारण जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस साल के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो गया।
गुरुवार को दूसरे दिन की शुरुआत भी सकारात्मक रही। बाजार खुलने के बाद निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में दिलचस्पी दिखाई, जिससे कीमत में तेज उछाल दर्ज हुआ। एनएसई पर शेयर अपने पिछले बंद भाव 1,417.50 रुपये से बढ़कर 1,489.70 रुपये तक पहुंच गया। इस स्तर पर शेयर लगभग 5.1 प्रतिशत मजबूत हो चुका था। वहीं, आईपीओ के 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले इसकी बढ़त 33 प्रतिशत से अधिक हो गई थी। इससे साफ हुआ कि लिस्टिंग के बाद भी शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई थी।
हालांकि, यह तेजी पूरे कारोबारी सत्र में एक जैसी नहीं रही। ऊंचे स्तर पर कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर की कीमत में गिरावट आई। दोपहर के कारोबार में शेयर 1,413 रुपये के आसपास भी पहुंचा, जो पिछले दिन के बंद भाव से थोड़ा नीचे था। कारोबार के दौरान शेयर में तेजी और गिरावट दोनों का सिलसिला देखने को मिला। इससे बाजार में नए सूचीबद्ध शेयरों की कीमतों को लेकर जारी उतार-चढ़ाव भी सामने आया।
जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये का था। इसे भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी ने 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर के बीच निवेशकों के लिए अपना सार्वजनिक निर्गम खोला था। इस दौरान संस्थागत और खुदरा निवेशकों की ओर से मजबूत मांग दर्ज की गई। आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। विशेष रूप से योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई दी।
कंपनी का आईपीओ खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। बड़े निवेशकों के साथ आम निवेशकों ने भी इस निर्गम में भाग लिया। इसके पीछे रिलायंस समूह की मजबूत बाजार उपस्थिति, जियो का विशाल दूरसंचार कारोबार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की लगभग 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में एंट्री केवल आईपीओ के आकार के कारण ही महत्वपूर्ण नहीं रही, बल्कि कंपनी के बाजार पूंजीकरण ने भी निवेशकों को आकर्षित किया। लिस्टिंग के पहले दिन ही कंपनी का बाजार मूल्यांकन लगभग 13 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था। इस उपलब्धि के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। बाजार पूंजीकरण के मामले में कंपनी ने भारती एयरटेल सहित कई बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।
दूसरे कारोबारी दिन शेयर में आई शुरुआती तेजी के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण लगभग 13.70 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, शेयर की कीमत में बदलाव के साथ कंपनी का बाजार मूल्यांकन भी घटता-बढ़ता रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, किसी बड़ी कंपनी की लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयरों में इस तरह की हलचल असामान्य नहीं है। विशेष रूप से जब किसी आईपीओ को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिलती है, तब शुरुआती दिनों में खरीदारी और मुनाफावसूली दोनों देखने को मिल सकती हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार को लेकर निवेशकों की उम्मीदें दूरसंचार सेवाओं के साथ डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित सेवाओं और नए व्यावसायिक अवसरों से जुड़ी हुई हैं। कंपनी के पास बड़ा ग्राहक आधार है और भारत के डिजिटल बाजार में उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है। हालांकि, शेयर की ऊंची कीमत को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए कंपनी को अपने कारोबार की वृद्धि के साथ मुनाफे और नकदी प्रवाह में भी मजबूती दिखानी होगी।
अब निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी वित्तीय नतीजों पर भी टिकी हुई है। जियो प्लेटफॉर्म्स 30 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के परिणाम घोषित करने वाली है। अलग सूचीबद्ध कंपनी के रूप में यह उसके पहले तिमाही नतीजे होंगे। इसी दिन मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के सितंबर तिमाही के परिणाम भी आने वाले हैं। इन नतीजों में राजस्व, मुनाफे और भविष्य की कारोबारी योजनाओं से जुड़े संकेत निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत लिस्टिंग ने भारतीय शेयर बाजार में बड़े आईपीओ के प्रति निवेशकों के उत्साह को दर्शाया है। हालांकि, शुरुआती शानदार रिटर्न का यह मतलब नहीं है कि आने वाले दिनों में भी शेयर लगातार बढ़ता रहेगा। कंपनी के मूल्यांकन, वित्तीय प्रदर्शन, बाजार की स्थिति और निवेशकों की धारणा के आधार पर शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
फिलहाल जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने पहले दो कारोबारी दिनों में जबरदस्त सुर्खियां बटोरी हैं। पहले दिन लगभग 27 प्रतिशत के रिटर्न और दूसरे दिन पांच प्रतिशत से अधिक की शुरुआती तेजी ने कंपनी को बाजार की चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों का भरोसा किस तरह बना रहता है और कंपनी अपने वित्तीय प्रदर्शन के जरिए बाजार की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।
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