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Jio Platforms IPO 2026: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है। मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। देश के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में चर्चा में आए इस इश्यू को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इश्यू खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 245 रुपये पर पहुंच गया है। इससे ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले लगभग 22 प्रतिशत संभावित लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत मिल रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट के ये संकेत अनौपचारिक हैं और वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देते।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है, जब निवेशक बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश के अवसर तलाश रहे हैं। कंपनी की टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं में मजबूत मौजूदगी, विशाल ग्राहक आधार और भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा क्लाउड सेवाओं के विस्तार की संभावनाओं पर बाजार की नजर है।
कितना बड़ा है जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO?
जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, इश्यू में लगभग 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसका प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। आईपीओ में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण जानकारी है, क्योंकि इसी के आधार पर आवेदन की रकम तय होगी।
आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 तक निवेशक इसमें आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद शेयरों के आवंटन और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की संभावना निर्धारित है।
₹245 GMP का क्या है मतलब?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम की हो रही है। 20 अक्टूबर को उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के अनुसार, इसका GMP करीब 245 रुपये प्रति शेयर बताया गया है। कंपनी के 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड में इस प्रीमियम को जोड़ने पर 1,364 रुपये की सांकेतिक कीमत निकलती है।
इस हिसाब से संभावित प्रीमियम करीब 21.9 प्रतिशत यानी लगभग 22 प्रतिशत बैठता है। यही वजह है कि निवेशक आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर उत्सुक हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि GMP शेयर बाजार या स्टॉक एक्सचेंज की ओर से तय किया गया आधिकारिक मूल्य नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार में चल रही मांग और कीमतों पर आधारित संकेतक है। इश्यू खुलने, सब्सक्रिप्शन के दौरान और लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए केवल GMP देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
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