Japan की तेल कंपनियों ने डिकार्बोनाइजेशन प्रयासों में की कटौती

World वर्ल्ड: जापान की प्रमुख तेल कंपनियाँ, जैसे Eneos Holdings और Idemitsu Kosan, अब अपने डिकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन घटाने) संबंधी प्रयासों में कटौती कर रही हैं। हाइड्रोजन, अमोनिया और सिंथेटिक ईंधनों जैसी परियोजनाओं में निवेश घटाया जा रहा है, क्योंकि बढ़ती लागत, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की चिंताएँ और अमेरिकी नीति संबंधी जोखिमों के चलते इन परियोजनाओं की लाभप्रदता संदिग्ध हो गई है।
Eneos ने अपनी नई तीन वर्षीय रणनीति में 2040 तक 40 लाख टन हाइड्रोजन आपूर्ति का पुराना लक्ष्य हटा दिया है और अब तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) जैसे पारंपरिक ईंधनों में निवेश बढ़ाने की योजना बना रहा है। वहीं Idemitsu ने 2030 तक के लिए अपने डिकार्बोनाइजेशन बजट को 1 ट्रिलियन येन से घटाकर 800 अरब येन कर दिया है।
ये कदम तब उठाए गए हैं जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कंपनियाँ फिर से पारंपरिक तेल और गैस की ओर लौट रही हैं, जहाँ मुनाफा अधिक स्पष्ट और तत्काल है।





