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अगस्त का पहला मेनबोर्ड IPO, RD Industries के इश्यू पर निवेशकों की नजर

Ratna Netam
29 July 2026 4:05 PM IST
अगस्त का पहला मेनबोर्ड IPO, RD Industries के इश्यू पर निवेशकों की नजर
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बिजनेस : भारतीय शेयर बाजार में अगस्त महीने की शुरुआत एक नए मेनबोर्ड आईपीओ के साथ होने जा रही है। आरडी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RD Industries Limited) अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 5 अगस्त 2026 को निवेशकों के लिए खोलने जा रही है। कंपनी का यह आईपीओ कुल लगभग 426 करोड़ रुपये का होगा और इसमें नए शेयर जारी करने के साथ-साथ प्रमोटर्स की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। निवेशक इस आईपीओ में 7 अगस्त 2026 तक बोली लगा सकेंगे, जबकि एंकर निवेशकों के लिए 4 अगस्त को विशेष बोली प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।

कंपनी ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 50 से 53 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि इश्यू को बाजार से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और लिस्टिंग के समय इसका प्रदर्शन कैसा रहता है। फिलहाल ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को लेकर हलचल देखी जा रही है।

बाजार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 7 रुपये प्रति शेयर बताया जा रहा है। यदि यह स्तर लिस्टिंग तक बना रहता है, तो अपर प्राइस बैंड 53 रुपये के आधार पर कंपनी के शेयर लगभग 60 रुपये के आसपास सूचीबद्ध हो सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है। यह किसी भी प्रकार से लिस्टिंग मूल्य की आधिकारिक या निश्चित गारंटी नहीं होता, क्योंकि इसमें समय-समय पर बदलाव होता रहता है।

आरडी इंडस्ट्रीज के इस आईपीओ में 320 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर्स 1.99 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से करेंगे। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर 53 रुपये के आधार पर पूरे इश्यू का आकार करीब 426 करोड़ रुपये बैठता है।

कंपनी ने आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि के उपयोग की भी विस्तृत जानकारी दी है। नए शेयर जारी कर जुटाए गए धन में से लगभग 220 करोड़ रुपये अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में खर्च किए जाएंगे। वहीं 22 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी अपने मौजूदा कर्ज का भुगतान करने के लिए करेगी। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट कार्यों और व्यवसाय के विस्तार से जुड़े अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी होती हैं तो आरडी इंडस्ट्रीज के शेयरों की स्टॉक एक्सचेंज पर संभावित लिस्टिंग 12 अगस्त 2026 को हो सकती है। निवेशकों को अब आईपीओ खुलने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की संभावनाओं और जोखिम कारकों का भी अध्ययन करने की सलाह दी जा रही है।

इस आईपीओ के लिए पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स (Pantomath Capital Advisors) को एकमात्र मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है। मर्चेंट बैंकर पूरे निर्गम की प्रक्रिया, निवेशकों के समन्वय और नियामकीय औपचारिकताओं को पूरा कराने की जिम्मेदारी निभाएगा।

आरडी इंडस्ट्रीज ने अपने आईपीओ की तैयारी काफी पहले शुरू कर दी थी। कंपनी ने सितंबर 2025 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे। इसके बाद फरवरी 2026 में नियामक से आईपीओ लॉन्च करने की मंजूरी प्राप्त हुई। आवश्यक तैयारियों और बाजार की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद अब कंपनी सार्वजनिक निर्गम लेकर निवेशकों के सामने आ रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2026 में भारतीय आईपीओ बाजार काफी सक्रिय रहा है। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 51,000 करोड़ रुपये से अधिक के पब्लिक इश्यू बाजार में आ चुके हैं। ऐसे में अगस्त महीने का पहला मेनबोर्ड आईपीओ होने के कारण आरडी इंडस्ट्रीज के इश्यू पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, विकास की संभावनाओं, कर्ज की स्थिति, प्रबंधन की गुणवत्ता और जोखिम संबंधी पहलुओं का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए। उचित विश्लेषण और अपनी निवेश क्षमता के अनुसार लिया गया निर्णय ही लंबे समय में बेहतर परिणाम दे सकता है।

अब निवेशकों की निगाह 5 अगस्त को खुलने वाले इस आईपीओ पर रहेगी, जहां यह तय होगा कि बाजार आरडी इंडस्ट्रीज के इस सार्वजनिक निर्गम को किस तरह का समर्थन देता है।

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