व्यापार

मैन्युफैक्चरिंग बूम से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था, भारत का औद्योगिक उत्पादन 7.3% बढ़ा

nidhi
29 July 2026 3:54 PM IST
मैन्युफैक्चरिंग बूम से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था, भारत का औद्योगिक उत्पादन 7.3% बढ़ा
x
औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज, मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल गुड्स ने बढ़ाया उत्पादन
नई दिल्ली: CareEdge Ratings की एक रिपोर्ट के अनुसार, जून में भारत का इंडस्ट्रियल आउटपुट (औद्योगिक उत्पादन) सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़ा। इसमें मज़बूत मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी और स्थिर बाहरी मांग का योगदान रहा।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता के बावजूद भारत की बाहरी मांग मज़बूत बनी रही। यह सुधार वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान देश के सामानों के निर्यात में हुई बढ़ोतरी में भी दिखा।
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य से कम मॉनसून बारिश और बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू मांग को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी
भारत के इंडस्ट्रियल सेक्टर ने माइनिंग और क्वारीइंग को छोड़कर ज़्यादातर बड़े सेगमेंट में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की।
जून में मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट 7.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले महीने यह 5.2 प्रतिशत था। शामिल किए गए 23 मैन्युफैक्चरिंग सब-सेक्टर में से 19 में इस महीने सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर 34 प्रतिशत की तेज़ बढ़ोतरी के साथ सबसे आगे रहा। मोटर व्हीकल, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर सेगमेंट में 17.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
टेक्सटाइल प्रोडक्शन में 13.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि फूड प्रोडक्ट्स में 10.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, अन्य नॉन-मेटैलिक मिनरल प्रोडक्ट्स का आउटपुट 12.9 प्रतिशत बढ़ा।
व्यापक विस्तार
उपयोग-आधारित वर्गीकरण के तहत, जून में कैपिटल गुड्स का आउटपुट 14.2 प्रतिशत बढ़ा, जो निवेश से जुड़ी मज़बूत एक्टिविटी की ओर इशारा करता है।
इंटरमीडिएट गुड्स का प्रोडक्शन 9.3 प्रतिशत बढ़ा, इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स में 7.5 प्रतिशत का विस्तार हुआ, जबकि प्राइमरी गुड्स का प्रोडक्शन 4.9 प्रतिशत बढ़ा।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान भारत का इंडेक्स ऑफ़ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) सालाना आधार पर 5.8 प्रतिशत बढ़ा। इस तिमाही के दौरान इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 25.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि मोटर व्हीकल में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मॉनसून को लेकर चिंताएं
देश में बारिश की कमी जून के अंत में 40 प्रतिशत से घटकर 28 जुलाई, 2026 तक 15.8 प्रतिशत हो गई। हालांकि, बारिश सामान्य से कम ही बनी रही।
CareEdge ने कहा कि ग्रामीण मांग पर मॉनसून के असर का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। हाल के हफ़्तों में खरीफ़ फ़सल की बुआई में सुधार एक सकारात्मक संकेत था।
एजेंसी ने कहा कि आने वाले महीनों में औद्योगिक गतिविधियों को वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर उभरती चुनौतियों का सामना करना होगा।
Next Story