व्यापार
IndiGo ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, 6 अक्टूबर से महंगी होंगी घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानें
Rajeshwari Nishad
5 Oct 2026 1:15 PM IST

x
IndiGo : हवाई सफर करने वालों के लिए एक बार फिर टिकट का खर्च बढ़ने वाला है। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे से की जाने वाली नई बुकिंग पर लागू होंगी। यानी जो यात्री इस समय के बाद IndiGo की फ्लाइट टिकट बुक करेंगे, उन्हें पहले की तुलना में ज्यादा फ्यूल चार्ज देना होगा। एयरलाइन ने यह फैसला एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच लिया है।
IndiGo के नए घरेलू फ्यूल चार्ज को यात्रा की दूरी के आधार पर तय किया गया है। 500 किलोमीटर तक की उड़ान के लिए अब 375 रुपये का फ्यूल चार्ज लगेगा। 501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी वाले रूट पर यह चार्ज 600 रुपये होगा। इसी तरह 1,001 से 1,500 किलोमीटर की यात्रा पर यात्रियों को 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर के बीच की उड़ान पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली उड़ान पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज देना होगा।
इन दरों को पहले की व्यवस्था से तुलना करें तो 500 किलोमीटर तक के रूट पर फ्यूल चार्ज 275 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 375 रुपये किया गया है। 501 से 1,000 किलोमीटर के लिए पुराना चार्ज 400 रुपये था और अब 600 रुपये होगा। 1,001 से 1,500 किलोमीटर वाले रूट पर यह राशि 600 रुपये से बढ़कर 900 रुपये हो गई है। 1,501 से 2,000 किलोमीटर के बीच की उड़ान पर पहले 800 रुपये लगते थे, जिसे अब 1,150 रुपये कर दिया गया है। वहीं 2,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के लिए चार्ज 950 रुपये से बढ़कर 1,300 रुपये हो गया है। इस तरह घरेलू उड़ानों पर बढ़ोतरी 100 रुपये से 350 रुपये तक है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी फ्यूल चार्ज में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत SAARC क्षेत्र की 500 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए 1,000 रुपये का फ्यूल चार्ज होगा, जबकि 501 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी वाले रूट पर यह शुल्क 3,000 रुपये होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया, GCC और मिडिल ईस्ट तथा नॉर्थ और ईस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए 5,500 रुपये का फ्यूल चार्ज तय किया गया है। अफ्रीका जाने वाली उड़ानों के लिए यह राशि 6,000 रुपये होगी, जबकि यूरोप के रूट पर यात्रियों को 10,000 रुपये का फ्यूल चार्ज देना होगा।
यात्रियों के लिए इसका सीधा असर टिकट की कुल कीमत पर पड़ सकता है। फ्यूल चार्ज किराये के ढांचे का हिस्सा होता है और इसमें बदलाव होने से नई बुकिंग की कुल लागत बढ़ जाती है। खास तौर पर लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। हालांकि टिकट की अंतिम कीमत सिर्फ फ्यूल चार्ज से तय नहीं होती, बल्कि यात्रा की तारीख, रूट, सीट की उपलब्धता और अन्य लागू शुल्क के आधार पर भी बदल सकती है।
IndiGo ने फ्यूल चार्ज में बढ़ोतरी की वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की बढ़ती कीमतों को बताया है। एयरलाइन के मुताबिक हालिया समय में ATF की कीमतों में महीने-दर-महीने 14 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है और ईंधन की लागत पिछले करीब एक दशक के ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। एयरलाइन का कहना है कि विमान ईंधन उसकी परिचालन लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर पूरे ऑपरेशन और नेटवर्क की लागत पर पड़ता है।
यह पहली बार नहीं है जब 2026 में IndiGo ने फ्यूल चार्ज में बदलाव किया है। इससे पहले भी ईंधन की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बीच एयरलाइन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अलग-अलग फ्यूल चार्ज लागू कर चुकी है। अप्रैल 2026 में भी घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के हिसाब से अलग-अलग शुल्क तय किए गए थे। उस समय 500 किलोमीटर तक के लिए 275 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 950 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया था।
एयरलाइन ने संकेत दिया है कि बढ़ी हुई ईंधन लागत का पूरा बोझ यात्रियों पर डालने के बजाय अपेक्षाकृत सीमित हिस्सा ही फ्यूल चार्ज के जरिए लिया जा रहा है। साथ ही कंपनी ईंधन की कीमतों और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखेगी। परिस्थितियों में बदलाव होने पर फ्यूल चार्ज में आगे भी संशोधन किया जा सकता है।
ऐसे में आने वाले त्योहारी और छुट्टियों के सीजन में हवाई यात्रा का बजट बनाने वाले यात्रियों को नई दरों का ध्यान रखना होगा। खासकर लंबी दूरी की घरेलू उड़ान और अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे लोगों को टिकट की बुकिंग से पहले कुल किराया जरूर देखना चाहिए। 6 अक्टूबर की रात 12:01 बजे के बाद की गई नई IndiGo बुकिंग पर संशोधित फ्यूल चार्ज लागू होगा।
कुल मिलाकर, बढ़ते ATF दामों का असर अब सीधे हवाई यात्रियों की जेब पर दिखाई देने लगा है। घरेलू उड़ानों पर जहां दूरी के हिसाब से 100 से 350 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हुई है, वहीं अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर नया फ्यूल चार्ज 1,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक तय किया गया है। ऐसे में आगे की हवाई यात्रा पहले के मुकाबले कुछ महंगी पड़ सकती है।
Next Story





