भारत में तेल-गैस खोज की पुरानी नीति से 36 अरब डॉलर का निवेश

New Delhi नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में साल 1999 से 2010 के बीच लागू न्यू एक्सप्लोरेशन लाइसेंसिंग पॉलिसी (NELP) के तहत हुए नौ बिड राउंड्स से देश को 36 अरब डॉलर से अधिक का निवेश मिला और 177 तेल-गैस खोजें दर्ज हुईं। इस नीति के अंतर्गत 254 ब्लॉक्स आवंटित किए गए थे, जिनमें खोज के लिए 17.6 अरब डॉलर और विकास कार्यों में 18.64 अरब डॉलर निवेश हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस नीति से निजी और विदेशी कंपनियों को भारत के अपस्ट्रीम सेक्टर में आकर्षित किया गया, जिससे तकनीकी विशेषज्ञता और पूंजी दोनों देश में आए। बीपी, ब्रिटिश गैस, केर्न एनर्जी जैसी बड़ी कंपनियां भी इन बिड राउंड्स में शामिल हुईं। हालांकि, परियोजनाओं में पर्यावरणीय मंजूरी और लागत वसूली को लेकर विवादों के कारण देरी भी देखी गई।
इन चुनौतियों को देखते हुए 2016 में सरकार ने हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) शुरू की, जिसमें रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल अपनाया गया। इस नई नीति का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और कंपनियों को अधिक लचीलापन देना है।





