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अमेरिकी खबरों का असर शेयर बाजार में गिरावट Nifty Sensex फिसले

nidhi
31 Aug 2026 11:12 AM IST
अमेरिकी खबरों का असर शेयर बाजार में गिरावट Nifty Sensex फिसले
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अमेरिकी संकेत

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। अमेरिका से आई खबरों और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ, जिसका असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में रहे, जबकि मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। बाजार में गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता को माना जा रहा है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाओं, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और भारतीय शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के बाद दिनभर दबाव में रहा।

Sensex और Nifty में गिरावट
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एनएसई निफ्टी भी 24,100 के स्तर के नीचे फिसल गया। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनाई और कई सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी संकेतों का असर भारतीय बाजार पर तेजी से पड़ता है। खासकर जब वैश्विक स्तर पर महंगाई, ब्याज दरों और कच्चे तेल को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं।
मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
गिरावट का सबसे ज्यादा असर मेटल सेक्टर पर देखने को मिला। स्टील, एल्युमिनियम और अन्य धातु कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। वैश्विक मांग को लेकर चिंता और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण मेटल स्टॉक्स प्रभावित हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि मेटल कंपनियों के प्रदर्शन पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति का सीधा असर पड़ता है। चीन समेत बड़े बाजारों की मांग में बदलाव भी इस सेक्टर के लिए अहम माना जाता है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। इसी वजह से निवेशकों ने सतर्कता बरती।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
अब बाजार की नजर अमेरिका की आर्थिक नीतियों, फेडरल रिजर्व के फैसलों और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार की हर गिरावट को अवसर के रूप में भी देखा जाता है, लेकिन विशेषज्ञ निवेशकों को बिना रिसर्च के जल्दबाजी में फैसला लेने से बचने की सलाह देते हैं। फिलहाल भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक संकेतों का दबाव बना हुआ है। निवेशकों की निगाह अब अगले कारोबारी सत्र और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की दिशा पर रहेगी।
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