उत्तर प्रदेश

बिना OTP शेयर किए गाजियाबाद में शख्स हुआ साइबर ठगी का शिकार

nidhi
31 Aug 2026 10:57 AM IST
बिना OTP शेयर किए गाजियाबाद में शख्स हुआ साइबर ठगी का शिकार
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साइबर ठगों का नया तरीका

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के खाते में गोल्ड लोन की रकम पहुंचते ही साइबर ठगों ने पांच लाख रुपये निकाल लिए। खास बात यह रही कि पीड़ित ने न तो कोई OTP साझा किया और न ही कोई संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, फिर भी वह ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार पीड़ित ने हाल ही में गोल्ड लोन लिया था। लोन की मंजूर राशि जैसे ही उसके बैंक खाते में पहुंची, कुछ ही समय बाद खाते से बड़ी रकम गायब हो गई। जब पीड़ित को इसकी जानकारी मिली तो उसने तुरंत बैंक और साइबर क्राइम अधिकारियों से संपर्क किया।

पीड़ित ने बताया कि उसने किसी अनजान व्यक्ति को बैंक से जुड़ी कोई गोपनीय जानकारी नहीं दी थी। उसने OTP, ATM पिन, पासवर्ड या कोई अन्य संवेदनशील जानकारी भी साझा नहीं की थी। इसके बावजूद खाते से पैसे निकल जाने के बाद वह हैरान रह गया। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक अब ठग ऑनलाइन फ्रॉड के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कई बार अपराधी बिना सीधे OTP मांगे भी तकनीकी तरीकों, फर्जी ऐप, सिम स्वैप, बैंकिंग एक्सेस या अन्य माध्यमों से लोगों को निशाना बनाते हैं। इसलिए केवल OTP साझा न करना ही पर्याप्त सुरक्षा नहीं है।
लोन लेने वालों को सतर्क रहने की जरूरत
साइबर अपराधी अक्सर ऐसे समय को निशाना बनाते हैं जब किसी व्यक्ति के खाते में बड़ी रकम आती है। गोल्ड लोन, पर्सनल लोन या अन्य वित्तीय लेनदेन के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही खाते में किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत बैंक को देनी चाहिए।
साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस और साइबर टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किस खाते में ट्रांसफर हुई और ठगी को किस तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत करना बेहद जरूरी होता है। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, उतनी ही संभावना रहती है कि ठगी गई रकम को रोकने या वापस पाने की कोशिश की जा सके।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मोबाइल में अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचें और समय-समय पर बैंक खाते की जांच करते रहें। गाजियाबाद का यह मामला एक बार फिर बताता है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके खोज रहे हैं। ऐसे में डिजिटल लेनदेन करते समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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