
Vyapaar:केंद्र सरकार ने सैलरी, पेंशन और अन्य खर्चों से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए DFPR (Delegation of Financial Powers Rules) के तहत संशोधित सूची जारी कर दी है। यह नया फ्रेमवर्क 9 जून 2026 को Department of Expenditure द्वारा अधिसूचित किया गया है, जिसे अब “ऑब्जेक्ट हेड्स” के नाम से जाना जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, भत्तों या ग्रेच्युटी पर नहीं पड़ेगा। यह नियम वित्त वर्ष 2027-28 से लागू होगा।
संशोधित व्यवस्था के तहत कर्मचारियों से जुड़े सभी भत्तों जैसे DA, HRA, ट्रांसपोर्ट भत्ता, विदेशी भत्ता और बच्चों की शिक्षा भत्ता को एक अलग श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अलावा मेडिकल ट्रीटमेंट और LTC जैसे खर्च भी स्पष्ट रूप से वर्गीकृत किए जाएंगे, ताकि खर्चों की परिभाषा और पारदर्शी हो सके।
पेंशन से जुड़े खर्च को अब “Pensionary Charges” के तहत अलग श्रेणी में रखा जाएगा, जिसमें पेंशन भुगतान, ग्रेच्युटी, PF योगदान, लीव इनकैशमेंट और NPS/UPS से जुड़े प्रावधान शामिल होंगे। इससे पेंशन खर्च की ट्रैकिंग और आसान हो जाएगी।
यात्रा खर्चों को भी नए तरीके से वर्गीकृत किया गया है, जिसमें घरेलू यात्रा को “Domestic Travel Expense” और विदेश यात्रा को “Foreign Travel Expense” कहा जाएगा। ट्रेनिंग से जुड़े खर्च को अलग “Fee” श्रेणी में रखा जाएगा। वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के खर्च ढांचे में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है।





