व्यापार में पारदर्शिता के लिए सरकार ने Proof of Origin की परिभाषा तय की

New Delhi नई दिल्ली: व्यापार समझौतों के दुरुपयोग को रोकने और व्यापार को आसान बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सोमवार को 'उत्पत्ति प्रमाण' (Proof of Origin) की स्पष्ट परिभाषा जारी की। अब फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत शुल्क छूट पाने के लिए आयातकों को यह प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, उत्पत्ति प्रमाण वह प्रमाणपत्र या घोषणा है जो यह साबित करता है कि सामान उस देश में निर्मित हुआ है जिससे भारत का व्यापार समझौता है। यह प्रमाणपत्र व्यापार समझौते के तहत तय मानदंडों के अनुसार जारी किया जाता है और इसे आयात देश के बंदरगाह पर प्रस्तुत करना जरूरी होता है।
AEPC के महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि कस्टम्स सर्कुलर से प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच के लिए स्पष्ट प्रक्रिया और मानक संचालन प्रणाली स्थापित हो गई है। यह कदम पारदर्शिता लाने के साथ ही दुरुपयोग को रोकने में सहायक होगा।





