
New Delhi नई दिल्ली : वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और कारोबारियों का ध्यान इस कीमती धातु की ओर गया।
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 3,500 रुपये से अधिक टूटकर ₹1,47,489 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस गिरावट के साथ सोना एक बार फिर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। हाल के दिनों में सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर निवेशकों की रणनीतियों पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की मांग पर दबाव बना है। जब डॉलर मजबूत होता है, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक तनाव और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं का असर भी कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
चांदी की कीमतों में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला। औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के आधार पर चांदी के दामों में भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता बरतने का माना जा रहा है। लगातार बदलते बाजार हालात के बीच कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में हैं, जबकि कुछ निवेशक गिरती कीमतों को खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ता है तो सोने में फिर से खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों से जुड़े फैसले भी बाजार की दिशा तय करेंगे।
फिलहाल, सोने का ₹1.50 लाख के स्तर से नीचे आना बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों पर बनी रहेगी।





