
Business बिजनेस : बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को लेकर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। इन खबरों में दावा किया जा रहा था कि RBI जल्द ही पेपर करेंसी को वापस ले सकता है और उसकी जगह प्लास्टिक के नोट जारी किए जा सकते हैं। इन दावों के सामने आने के बाद आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
इन वायरल खबरों में यह भी कहा गया था कि सरकार और RBI मिलकर देश में नकली नोटों पर रोक लगाने के लिए पूरी करेंसी प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दावों को अलग-अलग पोस्ट और वीडियो के जरिए तेजी से शेयर किया जा रहा था, जिससे लोगों के बीच असमंजस बढ़ गया।
अब इस पूरे मामले पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि RBI द्वारा पेपर करेंसी को बंद करने या प्लास्टिक नोट लाने की कोई योजना फिलहाल नहीं है।
सरकार ने साफ किया कि इस तरह की खबरें पूरी तरह अफवाहों पर आधारित हैं और जनता को इन पर विश्वास नहीं करना चाहिए। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से दूर रहें।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि करेंसी प्रणाली में इस तरह के बड़े बदलाव की कोई तत्काल योजना नहीं होती। किसी भी बदलाव के लिए लंबी प्रक्रिया, अध्ययन और आधिकारिक घोषणा की आवश्यकता होती है। ऐसे में बिना पुष्टि के किसी भी खबर को सच मान लेना गलत है।
RBI समय-समय पर नोटों की सुरक्षा और नकली करेंसी को रोकने के लिए सुधार जरूर करता है, लेकिन पेपर करेंसी को पूरी तरह खत्म करने या प्लास्टिक नोट लाने जैसा कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।
इस तरह की अफवाहों से न केवल आम जनता में भ्रम फैलता है, बल्कि वित्तीय प्रणाली को लेकर अनावश्यक चिंता भी बढ़ती है। इसलिए सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि देश की मौजूदा करेंसी प्रणाली सामान्य रूप से काम कर रही है और इसमें किसी बड़े बदलाव की कोई योजना नहीं है।





