
Business बिजनेस : मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। जून और जुलाई महीने की वायदा (Futures) ट्रेडिंग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दोनों कीमती धातुओं में आज फिर मंदा देखा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी और डॉलर की मजबूती ने घरेलू बाजार पर दबाव डाला। इसके साथ ही निवेशकों की खरीदारी की रणनीति में भी सतर्कता देखने को मिली। इसके परिणामस्वरूप सोना-चांदी के भाव में थोड़ी गिरावट आई, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को अल्पकालिक राहत मिली।
MCX पर जून महीने के सोने के वायदा भाव में ₹50-₹100 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, चांदी के भाव में ₹500-₹700 प्रति किलोग्राम तक कमी देखने को मिली। ट्रेडिंग के दौरान यह बदलाव निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें अक्सर वैश्विक आर्थिक संकेतों और डॉलर के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होती हैं। हाल के समय में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक आर्थिक रिपोर्टों ने धातुओं की कीमतों को प्रभावित किया। इसके साथ ही घरेलू मांग और निवेशकों की प्रवृत्ति भी बाजार के उतार-चढ़ाव में अहम भूमिका निभाती है।
सर्राफा बाजार के व्यापारी बताते हैं कि हाल के दिनों में निवेशक सोने और चांदी में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क हैं। हालांकि, लंबी अवधि में कीमती धातुओं की मांग स्थिर बनी हुई है। निवेशक इस गिरावट का फायदा उठाकर भविष्य में लाभ के लिए खरीदारी करने की योजना बना सकते हैं।
संक्षेप में, आज सोना और चांदी के भाव में मामूली गिरावट देखने को मिली है। जून और जुलाई वायदा ट्रेडिंग के आंकड़े इस गिरावट को दर्शाते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है और निवेशकों को अपने निवेश के फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए।





